ग्वालियर में रविवार को गहोई वैश्य समाज ने गहोई दिवस मनाया। इस अवसर पर शहर में एक भव्य चल समारोह और शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें समाज के सभी वर्गों ने सक्रिय भागीदारी की। यात्रा का उद्देश्य सामाजिक एकता, संस्कार और संस्कृति को सशक्त करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ सनातन धर्म मंदिर से हुआ, जहां विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद चल समारोह प्रारंभ हुआ, जो शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए रंगमहल पहुंचा। यात्रा मार्ग में जगह-जगह सामाजिक बंधुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभा यात्रा का स्वागत किया, जिससे पूरे रास्ते में उत्साह का माहौल रहा। चल समारोह में शामिल समाजजन ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए चल रहे थे, जो गहोई समाज की एकता और गौरव का प्रदर्शन कर रहे थे। शोभा यात्रा में आकर्षक झांकियां भी शामिल थीं, जिन्होंने सामाजिक समरसता, संस्कृति, शिक्षा और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया। इन झांकियों ने आमजन का भी ध्यान आकर्षित किया। रंगमहल पहुंचने पर सामाजिक बंधुओं का एक भव्य समागम आयोजित किया गया। यहां गहोई समाज की विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, युवा वर्ग और महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। ग्वालियर गहोई समाज की 15 पंचायतों, वरिष्ठ संघ और ग्रेटर महिला मंडल की टीमों ने भी इसमें सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर कार्यक्रम में शामिल भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि गहोई वैश्य समाज देश और राष्ट्र के निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के संस्कारों में राष्ट्रभक्ति निहित है। अग्रवाल ने सभी साथियों को गहोई दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।


