गांधी जयंती पर रीवा केंद्रीय जेल से 12 कैदी रिहा:हत्या समेत अन्य अपराधों के लिए काट रहे थे सजा; अब शुरू करेंगे नई जिंदगी

गांधी जयंती के अवसर पर रीवा केंद्रीय जेल से 12 कैदियों को रिहा किया गया है। मध्य प्रदेश शासन के निर्देश पर की गई इस रिहाई के बाद ये सभी कैदी अब एक नई शुरुआत की ओर बढ़ेंगे। वर्षों से जेल में सजा काट रहे इन कैदियों को जेल प्रशासन द्वारा समयपूर्व रिहाई का अवसर दिया गया। शासन के निर्देश पर मिली रिहाई यह रिहाई गांधी जयंती पर विशेष पहल के तहत की गई है, जो पिछले कुछ वर्षों से जारी है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार जिला स्तरीय समिति द्वारा प्रस्ताव भेजा जाता है, जिसके बाद जेल मुख्यालय और राज्य सरकार की मंजूरी से रिहाई की जाती है। 14 साल की सजा पूरी करने वाले कैदियों को राहत जेल अधीक्षक एसके उपाध्याय ने बताया कि जिन कैदियों को रिहा किया गया है, वे गंभीर अपराधों जैसे हत्या (धारा 302) के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। इनमें से अधिकांश ने 14 साल की वास्तविक सजा और माफी मिलाकर कुल 20 साल का समय जेल में बिताया है। इसके अलावा, एक कैदी एससी-एसटी एक्ट के तहत सजा पा चुका था। परिजनों को पहले ही दी गई थी सूचना कैदियों की रिहाई से पहले उनके परिजनों को इसकी सूचना भेज दी गई थी। रिहाई के दिन परिजन जेल परिसर पहुंचे और अपने स्वजन को साथ लेकर गए। जेल प्रशासन ने कैदियों को अंतिम समय में जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। यह कैदी हुए रिहा रीवा केंद्रीय जेल से जिन 12 कैदियों को रिहा किया गया है, उनके नाम जियालाल बसोर, भारत सिंह, बिक लनू सिंह गोड़, सत्येंद्र सिंह परिहार, देवलाल सिंह, रामराज गोंड, धनीराम सिंह, लालन पाव, रामनरेश बैगा, संतोष कुमार सिंह, रामू बसोर और राकेश द्विवेदी है। इनमें सीधी और सिंगरौली जिले के दो-दो, अनूपपुर के तीन, शहडोल के चार और उमरिया जिले का एक कैदी शामिल है। जेल में सीखा हुनर, बाहर काम आएगा जेल अधीक्षक एस. के. उपाध्याय ने बताया कि रिहा किए गए सभी कैदियों को जेल में विभिन्न प्रशिक्षण दिए गए हैं। उन्होंने जेल में रहते हुए अपना समय रचनात्मक कार्यों में बिताया, जिससे अब वे बाहर जाकर सम्मानजनक जीवन जी सकें और अपनी कला व हुनर से आजीविका कमा सकें। सभी रिहा कैदियों से अपील की गई है कि वे फिर से किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल न हों और समाज में अच्छे नागरिक के रूप में जीवन व्यतीत करें।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *