भास्कर न्यूज | संगरूर गांव रोगला के दलित युवक और युवती की ओर से शादी रचाने पर गांव की पंचायत द्वारा दोनों का बहिष्कार करने के मामले का महिला आयोग पंजाब ने सख्त नोटिस लिया है। आयोग ने वीरवार को पंचायत, युवक-युवती व दिड़बा पुलिस को आयोग के कार्यालय में पेश होने के आदेश दिए है। वहीं बुधवार को आयोग के आदेशों के बाद डीएसपी दिड़बा रुपिंदर कौर की ओर से पंचायत समेत युवक-युवती के परिवार को अपने दफ्तर में बुलाया। जिनके द्वारा सभी पक्षों की बात सुनीं गई। डीएसपी रुपिंदर कौर बाजवा ने कहा कि महिला आयोग के आदेशों के बाद पंचायत, युवक-युवती के परिवारों को दफ्तर बुलाकर उनके पक्ष सुने गए है। पंचायत के साथ बात की जा रही है कि डाला गया प्रस्ताव वापस लिया जाए। इस तरीके से कानून का उल्लंघन करके प्रस्ताव नहीं डाला जा सकता है क्योंकि 21वीं सदी में हर किसी को अपने तरीके से जिंदगी जीने का अधिकार है। इसके साथ ही युवती से पूछताछ की गई है कि उसे किसी प्रकार की धमकी तो नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया सभी पक्षों को सुनकर इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। बतां दे कि गांव रोगला के दलित युवक और युवती की ओर से दो महीने पहले शादी कर ली थी। जिसके बाद 1 फरवरी को गांव की पंचायत ने युवक और युवती का बाहिष्कार कर दिया था। इस सबंधी बकायता प्रस्ताव भी पारित किया गया था। पंचायत का तर्क है कि गांव के युवक-युवती की ओर से आपस में शादी किए जाने से गांव के दूसरे युवक और युवतियों पर बुरा असर जाता है जिस कारण पंचायत पहले ही गांव के किसी भी लड़का और लड़की के आपस शादी रचाने पर बाहिष्कार करने का पहले ही प्रस्ताव पारित कर चुकी है।


