‘गांव में शौचालय नहीं, नाबालिग बाहर गई तो गैंगरेप हुआ’:कानपुर में पीड़िता के गांव की महिलाएं बोलीं- बेटियां घर से निकलने में डर रहीं

कानपुर के संचेड़ी में 14 साल की लड़की के साथ 6 जनवरी की रात 10 बजे गैंगरेप हुआ। पुलिस ने आरोपी यूट्यूबर को अरेस्ट कर लिया। जबकि दरोगा फरार है। आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्य पर पुलिस कमिश्नर ने 50 हजार का इनाम घोषित किया है। वहीं मामले में लापरवाही बरतने पर 9 जनवरी को कमिश्नर रघुबीर लाल ने ACP पनकी शिखर कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। भीमसेन चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार को सस्पेंड किया गया। दैनिक भास्कर की टीम मुख्यालय से 30 किमी दूर सचेंडी थाना क्षेत्र के सोना ग्राम सभा के उस गांव पहुंची, जहां पीड़िता रहती है। टीम ने पीड़िता के पिता से बात की। गांव वालों से बात की। गांव का हाल जाना। गांव जाने पर पता चला कि गांव में एक भी शौचालय नहीं है। हां, एक-दो घरों में शौचालय मिला। ये लोगों ने खुद ही अपने पैसों से बनवाए थे। लड़की के पिता ने कहा- घर में शौचालय नहीं है। बेटी शौच के लिए गई तो वहीं दरिंदगी हुई। शौचालय न होने के कारण गांव की महिलाएं खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। महिलाओं ने कहा- अब तक बेटियां घर से निकलने में डर रही हैं। अकेले बेटियों को हम लोग बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। नाबालिग के साथ गैंगरेप के पीछे बड़ी वजह क्या खुले में शौच की मजबूरी थी? आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए क्या पहले से साजिश रची थी? घटना के बाद गांव वालों की क्या स्थिति है? ये रिपोर्ट पढ़िए… पहले जानते हैं गांव का माहौल सड़क, बिजली की भी व्यवस्था नहीं
कानपुर- दिल्ली हाईवे से 4 किमी दूर गांव है। इसी गांव के अधिकतर घरों में झप्पर पड़ा था। गांव के अंदर तक जाने के लिए कच्ची सड़क है। गांव में न तो सड़क है और न ही बिजली-पानी की व्यवस्था है। हम गांव के अंदर दाखिल हुए तो अलग-अलग घरों के बाहर गांव की कुछ महिलाएं बैठीं हुईं थी। यहां भी नाबालिग के साथ हुई घटना का जिक्र चल रहा था। गैंगरेप की घटना के बाद से गांव की महिलाओं में दहशत है। शाम को सूरज ढलने के बाद गांव की महिलाएं अब घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं। घर की बेटियों को अकेले खेत नहीं जाने दे रही हैं। गांव की महिलाएं कहती हैं कि कल को मेरी बेटी के साथ भी ऐसी घटना हो गई तो क्या करेंगे। अगर कोई शाम ढलने के बाद शौच के लिए जा रहा है तो किसी बड़े या बुजुर्ग की निगरानी में घर से निकल रहा है। अब गांव वालों की बात पढ़िए- महिलाएं बोलीं- अब तो सूरज डूबने के बाद घर से निकलने में डर लगता है
गांव की रहने वाली महिला गुड़िया देवी कहती हैं कि एक भी घर में शौचालय नहीं है। ये बिटिया घर के बाहर शौच के लिए गई थी। उसे उठा लिया। उसके साथ हैवानियत की। हमारी सरकार से मांग है कि शौचालय दिया जाए। इससे कि गांव के बहन बेटियों की इज्जत बच सके। रोशन सिंह ने बताया कि कुछ नहीं सरकारी नाम पर इस गांव में कोई विकास नहीं हुआ है। सब नेता आते हैं वादे करते हैं, लेकिन आज तक बिजली, शौचालय और खड़ंजा तक नहीं पहुंच सका है। मेरी मांग है कि गांव में भी विकास होना चाहिए। गांव में रहने वाली निर्मला देवी ने बताया कि हमारा परिवार 20 साल से गांव में रहता है। अगर शौचालय होता तो ये लड़की बाहर नहीं जाती। ललिता सिंह कहती हैं कि अब तो बाहर जाने में डर लगने लगा है। गांव में खौफ का माहौल है। यहां से दूर गांव की बहन बेटियों को शौच के लिए जाना पड़ता है। गांव की रहने वाली काजल ने बताया कि गांव में दहशत का माहौल है। कल उस बेटी के साथ हुआ। अगर शौचालय नहीं बना तो फिर कोई बेटी शिकार होगी। अब गैंगरेप पीड़िता के पिता की बात
गैंगरेप पीड़िता के पिता ने बताया कि गांव में करीब 45 घर हैं। इस गांव की आबादी करीब 200 से अधिक है। अभी तक गांव में कोई भी सरकारी योजना नहीं पहुंच सकी है। कुछ लोगों ने निजी खर्च से शौचालय बनवा लिया है। मगर सरकारी एक भी शौचालय नहीं है। गांव में बिजली, रोड और पानी का कोई भी इंतजाम नहीं है। प्रधान से लेकर जिला पंचायत सदस्य और विधायक, सांसद सब वोट मांगने आते हैं। इसके बाद सब लापता हो जाते हैं। हाईवे से चंद कदम की दूरी पर है। सर्वे के लिए टीमें आती रहती है, लेकिन आज तक किसी योजना का एक भी व्यक्ति को लाभ नहीं मिला है। गांव में लोगों ने बिजली के लिए सोलर पैनल लगा रखे हैं। इससे सिर्फ लाइट मिल जाती है। हम शौचालय नहीं बनवा पाए, अगर मेरे घर भी शौचालय बना होता तो बेटी बाहर शौच के लिए न जाती। अब पढ़िए, सांसद-विधायकों ने क्या किया
इस मामले के बाद से क्षेत्र के सांसद विधायक चुप्पी साधे हुए हैं। यहां सचेंडी का यह गांव बिठूर विधानसभा में आता है। यहां से विधायक अभिजीत सिंह सांगा हैं। सांगा बच्ची का हाल जानने के लिए बीते शनिवार को गांव पहुंचे थे। प्रधान और पीड़ित परिवार से मिले थे, लेकिन शौचालय को लेकर कोई बात नहीं की। इस मामले को लेकर उनसे बात भी करने का प्रयास किया गया तो विधायक के पीए अमन सिंह ने कॉल उठाया और किसी कार्यक्रम में व्यस्तता होने के चलते कॉल को कट कर दिया। सीधे तौर पर विधायक अभिजीत सिंह सांगा इस पूरे मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं, दूसरी सांसद देवेन्द्र सिंह भोले से भी इस मामले में बात करने का प्रयास किया तो इस मामले में उनकी तरफ से भी कोई जवाब नहीं दिया गया। जनसत्ता दल के जिला महासचिव आशीष सिंह उर्फ मुन्ना का कहना है कि जल्द ही जिला प्रशासन से मांग करके यहां पर शौचालय और बिजली समेत अन्य मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। यह जमीन चारागाह की है। इसमें अवैध रूप से लोगों ने कब्जा करके बस्ती को बना लिया है। अब सर्वे किया जाएगा, अगर ग्राम सभा के वोटर हैं तो इन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। – मनोज पटेल, डीपीआरओ अब तक 5 पुलिस वालों पर कार्रवाई हुई ————————— ये खबर भी पढ़िए- कानपुर गैंगरेप पीड़िता बोली- यूट्यूबर ने मुंह दबाया:दरोगा ने पैर पकड़े, 45 मिनट तक दरिंदगी की; योगी ने अफसरों को लगाई फटकार ‘मैं टॉयलेट के लिए घर के पीछे 200 मीटर दूर तालाब तक गई थी। वहां से कुछ दूर एक काले रंग की स्कॉर्पियो रुकी, 2 लोग उतरे और मुझे खींचकर गाड़ी के अंदर ले जाने लगे। वर्दी पहने शख्स ने मेरे पैर पकड़ लिए। जबकि दूसरे व्यक्ति ने मेरा मुंह दबा लिया, हाथ जकड़ लिए। मैं कुछ कर नहीं पा रही थी। खींचकर स्कॉर्पियो में लेकर गए, वर्दी पहना शख्स मुझे छोड़कर ड्राइविंग शीट पर बैठ गया।’ ये बातें गैंगरेप पीड़िता ने भास्कर से बातचीत में कहीं। पढ़ें पूरी खबर…

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