इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर के चर्चित गजल होटल की जमीन पर फर्जी बैनामा कराने के आरोप में दर्ज मुकदमे में अब्बास अंसारी और उमर अंसारी को मिली अंतरिम राहत को अगले आदेश तक के लिए बढ़ा दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने अंसारी भाइयों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि अब इस मामले में राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता पक्ष रखेंगे। कोर्ट ने सुनवाई स्थगित करते हुए मामले में आठ दिसंबर की अगली तारीख लगा दी। गौरतलब है कि 12 जुलाई 2023 को हाईकोर्ट ने इस मामले में अब्बास और उमर अंसारी के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। दोनों भाइयों के अधिवक्ता के अनुसार दोनों भाइयों ने गाजीपुर सीजेएम कोर्ट में चल रही कार्यवाही को रद्द करने की मांग करते हुए 31 अगस्त 2022 के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अंसारी भाइयों पर आरोप है कि गाजीपुर में गजल होटल निर्माण के लिए जिस जमीन का बैनामा कराया गया था, उसकी लीज पहले ही समाप्त हो चुकी थी। जमीन के खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगा था। इन्हीं आरोपों के आधार पर 19 सितंबर 2020 को गाजीपुर कोतवाली थाने में मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी, बेटे अब्बास और उमर अंसारी सहित 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।


