बिलासपुर | गायत्री प्रज्ञा पीठ, रेलवे क्षेत्र, बिलासपुर में सुजाता मानिक, गायत्री परिवार व वंदे मातरम मित्र मंडल के सानिध्य में कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर अपने धर्म से विमुख होकर दूसरे धर्म में चली गई आभा मिरी व उनके परिवार को उनकी स्वेच्छा से सनातन धर्म में पुनः प्रवेश कराया गया। कार्यक्रम में पूरे विधि-विधान के साथ गायत्री मंत्र, भजन, आरती और हवन संपन्न कर शुद्धिकरण किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से आभा एवं परिवार का सनातन धर्म में प्रवेश कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वंदे मातरम मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र जैन ने कहा कि आभा के इस निर्णय का हृदय से स्वागत और अभिनंदन किया जाता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि संपूर्ण सनातन समाज उनके सुख-दुःख में सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहेगा। साथ ही उन्होंने वंदे मातरम मित्र मंडल की बैठकों में नियमित सहभागिता का आह्वान करते हुए ऐसे अन्य व्यक्तियों के लिए भी प्रयास करने की बात कही, जो अपने मूल धर्म से विमुख हो गए हैं। होम सिंह साहू ने गायत्री मंत्र के महत्व और गायत्री परिवार के नियमों-सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। सुजाता मानिक ने हवन एवं आरती संपन्न कराई। कैलाश मानसरोवर से लाए गए पवित्र जल को सौरभ दुबे द्वारा आभा को ग्रहण कराया गया। इस अवसर पर वंदे मातरम मित्र मंडल से जयप्रकाश लाल, राजेश बिसेन, सौरभ दुबे, यतींद्र मिश्र, पृथ्वी सहगल, नवीन दुबे, भगवान शर्मा, महेंद्र पटनायक, महेंद्र सोनी, सुखचंद्र दिवाकर, विनोद सिंह, दिनेश शर्मा, जगदीश साहू, नूतन वर्मा, देबोजित पाल, चंद्रिका मिरी, योगिता साहू, कनक गंगोत्री आदि मौजूद रहीं।


