अगर रोज सिर्फ 10 मिनट गायत्री मंत्र का धीमे स्वर में उच्चारण कर लें तो दिमाग की एकाग्रता बढ़ती है, तनाव घटता है और बीपी में सुधार आता है। यह दावा एम्स भोपाल के फिजियोलॉजी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. वरुण मलहोत्रा की रिसर्च में किया गया है। यह स्टडी बंगलादेश जर्नल ऑफ मेडिसिन साइंस में प्रकाशित हुई है। इसमें अनुलोम-विलोम, कपालभाति और गायत्री मंत्र जप के असर की तुलना की गई। इसके लिए ऑनलाइन रिएक्शन टाइम टेस्ट में प्रतिभागियों को सिग्नल हरा होते ही लैपटॉप की बटन दबानी होती थी। शुरुआत में औसत रिएक्शन टाइम 0.5 सेकेंड था, जबकि मंत्र जप के बाद यह 0.3 सेकेंड तक आ गया। डॉ. मलहोत्रा के अनुसार, यह बदलाव छोटा नहीं बल्कि बहुत बड़ा न्यूरोलॉजिकल सुधार है। यह रिसर्च 18 से 22 साल के 20 स्वस्थ लोगों पर किया गया है। इनमें गायत्री मंत्र जप का असर सबसे तेज देखा गया। मस्तिष्क को स्टेबल रखता है मंत्र
डॉ. मलहोत्रा बताते हैं कि गायत्री मंत्र का वाइब्रेशन दिमाग के उस हिस्से को एक्टिवेट करता है जो एकाग्रता, निर्णय और भावनात्मक स्थिरता नियंत्रित करता है। इसी कारण यह योग टेक्नीक से अधिक प्रभावी पाया गया। स्टडी में पाया गया कि सिर्फ 10 मिनट मंत्र सुनने और जप करने से दिल की धड़कन शांत हुई और बीपी नियंत्रित हो गया।


