गार्ड हटाए गए, कर्मी पर कार्रवाई, डॉक्टर की भूमिका की जांच के लिए कमेटी गठित

सदर अस्पताल में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के मामले में पैसे लेने के आरोपी गार्ड को हटा दिया गया है। वहीं सिविल सर्जन ऑफिस के कर्मी (जिस पर आवेदको‌ं से पैसे लेने के आरोप है) पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फर्जी सर्टिफिकेट बनाने में किन- किन डॉक्टरों की मिलीभगत है, इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। जांच कमेटी में डॉ. रमेश कुमार गुप्ता, डॉ. अखिलेश झा, डॉ. उषा, डॉ. स्टीफन खेस और डॉ. शिल्पा तिग्गा शमिल हैं। सदर अस्पताल के डिप्टी सुप्रीटेंडेट डॉ. विमलेश कुमार ने बताया कि कमेटी तीन दिनों के बाद गुरुवार को अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सर्टिफिकेट बनाने में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसके लिए भी कई कदम उठाये जा रहे हैं। रविवार को दैनिक भास्कर में शीर्षक न जांच, न ही मरीज की जरूरत, बस 300 रु दीजिए, आधे घंटे में दिव्यांग भी पूरी तरह फिट से खबर छपी थी। इसमें स्टिंग की माध्यम से बताया गया था कि किस प्रकार सदर अस्पताल में पैसे लेकर फर्जी सर्टिफिकेट धड़ल्ले से बनाए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर में एक फरवरी को छपी थी खबर।

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