सक्ती जिले के ग्राम मसनियाकला में गाली-गलौज की पुरानी रंजिश को लेकर एक व्यक्ति की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और एक नाबालिग को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने मृतक पर कुल्हाड़ी से कई वार किए थे। मामला सक्ती थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 3 फरवरी 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सक्ती से सूचना मिली थी कि ग्राम मसनियाकला निवासी सम्मे लाल श्रीवास को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे उच्च उपचार के लिए रेफर किया गया। लेकिन जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर सक्ती पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्ती थाना में अपराध क्रमांक 57/2026 धारा 103(1), 332(बी) भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। साइबर यूनिट, डॉग स्क्वॉड और एफएसएल की मदद थाना प्रभारी निरीक्षक लखन लाल पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। साइबर यूनिट, डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। गांव और आसपास के इलाकों में संदिग्धों की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि घटना की रात दो युवक मृतक के घर के आसपास देखे गए थे। पहाड़ी इलाके से दोनों आरोपी गिरफ्तार सघन तलाश और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि दोनों संदिग्ध मसनियाकला के पहाड़ी क्षेत्र में छिपे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। गाली देने की रंजिश में बनाई हत्या की योजना आरोपियों ने बताया कि 2 फरवरी को सम्मे लाल श्रीवास ने आरोपी मोहनीश कुमार कर्मवीर और उसके परिवार को गालियां दी थीं। इसी बात से नाराज होकर उसने गांव के एक नाबालिग के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोपियों ने रात में घर में घुसकर टांगी से 6 से 7 वार कर सम्मे लाल श्रीवास की हत्या कर दी। हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के मेमोरण्डम के आधार पर घटना में प्रयुक्त लोहे की कुल्हाड़ी, खून से सना काला लोवर और नाबालिग के पास से उपयोग किया गया मोबाइल फोन जब्त किया है। मुख्य आरोपी जेल भेजा, नाबालिग पेश मुख्य आरोपी मोहनीश कुमार कर्मवीर (37) को 4 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।


