प्रयागराज संगम जाने वाली गोड्डा-दिल्ली एक्सप्रेस में बुधवार को यात्रियों और भीड़ के बीच जमकर बवाल हुआ। न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ यह विवाद जमुआ स्टेशन पर पथराव में बदल गया। सीट नहीं रहने की वजह से जमुआ स्टेशन पर यात्रियों ने ट्रेन का गेट नहीं खोला। इससे बाहर से यात्री अंदर नहीं घुस सके और गुस्से में उन्होंने ट्रेन पर पथराव कर दिया। इससे एसी कोच के शीशे टूट गए। यह घटना कुंभ मेले में जाने के लिए यात्रियों की बढ़ी भीड़ के कारण हुई, जिसने रेल यात्रा व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया। दरअसल, न्यू गिरिडीह स्टेशन से बड़ी संख्या में यात्री एसी कोच में सवार हो गए। जब ट्रेन जमुआ स्टेशन पहुंची, तो वहां पहले से मौजूद सैकड़ों यात्रियों ने जबरन विभिन्न डिब्बों में प्रवेश करने की कोशिश की। कई बोगी के दरवाजे ही नहीं खुले। इससे लोग आक्रोशित हो गए। पुलिस और आरपीएफ ने स्थिति को नियंत्रित किया स्थिति तब और बिगड़ गई जब आक्रोशित यात्रियों ने ट्रेन पर पथराव शुरू कर दिया। ट्रेन करीब 40 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। सूचना मिलने पर पुलिस और आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और ट्रेन को रवाना किया। हालांकि, समस्या यहीं नहीं रुकी। जब ट्रेन राजधनवार स्टेशन पहुंची, तो वहां भी भीड़ ने ट्रेन पर हमला कर दिया और कई डिब्बों के शीशे तोड़ दिए। घटना की सूचना पर तुरंत ही जमुआ थाना की पुलिस को मौके पर भेजा गया। इसके अलावा आरपीएफ भी पहुंच गई। लोगों को समझाया गया और स्थिति को तुरंत ही नियंत्रण में ले लिया गया। – डॉ बिमल कुमार, एसपी, गिरिडीह


