गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड अंतर्गत पालगंज और मदनपुरा पंचायत क्षेत्रों में इन दिनों जंगली हाथी का आतंक ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। बीते कई दिनों से क्षेत्र में घूम रहा यह हाथी अचानक गांवों में घुसकर तोड़फोड़ कर रहा है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।पालगंज पंचायत के तिवारी टोला, रातडीह कोयवाटांड़, बरदही बिशनपुर और नारायणपुर गांव में हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। कोयवाटांड़ गांव में श्यामलाल ठाकुर के कच्चे घर को हाथी ने पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। दीवारें तोड़कर घर के अंदर घुसे हाथी ने अनाज, बर्तन, कपड़े और अन्य घरेलू सामान को नष्ट कर दिया। अचानक हुई इस घटना से पीड़ित परिवार सड़क पर आ गया है। रात में जागकर पहरा दे रहे ग्रामीण हाथी का कहर यहीं नहीं रुका। नारायणपुर मोड़ पर स्थित होरील दास की दुकान को भी हाथी ने निशाना बनाया। दुकान की दीवार और शटर तोड़ दिए गए, जिससे अंदर रखी खाद्य सामग्री और रोजमर्रा के सामान पूरी तरह बर्बाद हो गए। लगातार हो रही घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोग रात में घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। कई गांवों में लोग अलाव जलाकर, शोर मचाकर और समूह में रहकर हाथी से बचाव का प्रयास कर रहे हैं। कुछ परिवारों ने बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है। हाथी के डर से खेती-बाड़ी और दैनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। वन विभाग अलर्ट, सतर्क रहने की अपील फॉरेस्टर रोहित कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पटाखों और आग की मदद से हाथी को गांव से बाहर जंगल की ओर खदेड़ा गया। उन्होंने बताया कि यह हाथी अपने झुंड से भटक गया है, इसी कारण यह लगातार आबादी वाले इलाकों में प्रवेश कर रहा है। अकेले हाथी को नियंत्रित करना काफी चुनौतीपूर्ण है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी के दिखने पर उसके पास जाने या उसे भगाने की कोशिश न करें। किसी भी स्थिति में तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। विभाग की ओर से पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।


