गीता गायत्री मंदिर; रास रचो है यमुना के तीरे-तीरे रास रचो है…पर झूमे वृंदावन वासी

जयपुर | दिल्ली रोड गलता गेट स्थित गीता गायत्री मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में महारास का प्रसंग सुनाया गया। पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के सान्निध्य में महारास और रुक्मिणी विवाह प्रसंग हुआ। यहां व्यास पीठ से आचार्य डॉ. राजेश्वर ने मनोहारी भजन सुनाकर रास लीला को जीवंत कर दिया। भजन को सुनकर सजीव लीला कर रही युवतियां नृत्य करते हुए आनंदित हो उठी। मंदिर परिसर में भजन के बोल… रास रचो है…रास रचो है यमुना के तीरे-तीरे रास रचो है… ऐसे लगा जैसे वृंदावन वासी गीता गायत्री मंदिर में प्रकट हो गए हैं। मंजू अग्रवाल के रूप में स्वयं कृष्ण ही गायत्री मंदिर में पधारे साक्षात कृष्ण और रुक्मिणी जी का मंगल में मेहंदी लगा दो मुझे मेहंदी लगा दो के साथ विवाह संपन्न हुआ। अनेक संतों के साथ भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने भी महा आरती की।

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