गीता युद्ध नहीं, मन जीतने का शास्त्र: भारती

भास्कर न्यूज| खल्लारी क्षेत्र के ग्राम एम के बाहरा में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की गीता पाठशाला के तत्वाधान में आयोजित श्रीमद्भगवत गीता ज्ञान यज्ञ प्रवचन माला का समापन भक्तिमय और आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। कथा वाचक ब्रह्माकुमारी भारती दीदी ने कर्म योग और ईश्वरीय ज्ञान के माध्यम से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, तनाव मुक्ति और आत्मिक जागृति का संदेश दिया। ब्रह्माकुमारी दीदी ने गीता समापन समारोह में कहा कि गीता को केवल युद्ध का ग्रन्थ न मानकर, इसे मन और इंद्रियों को जितने का शास्त्र मानें। उन्होंने निष्काम भाव से अपना कर्तव्य करते हुए ईश्वर के शरण में समर्पित होने के साथ साथ श्रीमद् भगवत गीता के माध्यम से जन मानस को अंधविश्वास से मुक्ति और आत्मविश्वास से बढ़ाने पर जोर दिया। समापन दिवस पर कार्यक्रम में हजारों की संख्या में ग्रामीणों के साथ साथ क्षेत्रवासी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सभी ने ज्ञान-चर्चा और व्यसन मुक्त जीवन जीने की प्रतिज्ञा के साथ मानो विकारों की पूर्णाहुति दी। कथावाचक ब्रह्माकुमारी भारती दीदी, ब्रह्मकुमारी गायत्री, माउंट आबू से पधारे ब्रह्माकुमार कृपाल भाई, बी के रूपाली बहन का आयोजक समिति सदस्य गण, ग्राम सरपंच संगीता पटेल, गुणनिधि पटेल, ग्राम प्रमुख ढेलू राम चंद्राकर, संतराम पटेल, देवकराम,तिलक साहू, कमल साहू व ग्राम वासियों ने बाजे गाजे के साथ घर-घर से आरती, फूल माला से स्वागत व सम्मान किया। ऐसा अनोखे कार्यक्रम के लिए ग्राम वासियों ने भागवत राम साहू, वरिष्ठ सदस्य वास्तु लाल पटेल, सहयोगी सेवाधारी रामानंद चंद्राकर, प्रकाशपटेल, नेहा, भीम, मनोहर, घनश्याम, जयंती, रेवती, पार्वती, चित्रा, गरिमा, लालती जागेश्वरी का शाल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। बिलासपुर से पधारे शरणजीत एवं सुभाष भाई ने सुमधुर गीत एवं नृत्य ने सबका मन मोहा। संस्थान के युवा साथी पुनेश, प्राण नाथ, पीतांबर, छगन, नेहा बहन का ग्राम वासियों ने सम्मान किया। ग्राम प्रमुख संतराम पटेल, देवक राम साहू, कमल साहू मौजूद थे।

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