विदिशा में आज (सोमवार) गुड गवर्नेंस को लेकर एक कार्यशाला आयोजित हुई। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पूर्व कलेक्टर और रिटायर्ड आईएएस योगेंद्र शर्मा, पुलिस अधीक्षक रोहित कासवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला में पहली बार स्कूली विद्यार्थियों को शामिल किया गया, ताकि सुशासन क्या है? इसके बारे में छात्राओं को जानकारी मिल सके। उत्कृष्ट विद्यालय के 11वीं के छात्र पुष्पराज गौर एवं बायोलॉजी विषय की छात्रा मनू तिवारी ने बैठक में शामिल हुईं। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने कार्यशाला में सुशासन प्रशासन सप्ताह के तहत किए जा रहे कामों के बारे बताया। कहा कि ग्रामीण इलाकों का भ्रमण करके वहां की जरूरतों की जानकारी लेना, शिकायतों की निष्पक्ष जांच, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाती है। बताया कि विदिशा जिला पिछले सात महीने से लगातार शिकायतों के निराकरण में प्रदेश में टाॅप फाइव जिलों की सूची में शामिल रहा है। प्रदेश सरकार लोगों के जनकल्याण के लिए 18 विभागों की 34 हितग्राही मूलक योजनाओं, 11 लक्ष्य आधारित योजनाओं व 63 प्रकार की सेवाओं का लाभ दिलाने घर-घर सर्वे करवा रही है। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। दूर दराज के इलाकों में लगाए जाएं शिविर पूर्व कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि पहले जिले के दूरस्थ इलाकों में जन कल्याण शिविर लगाए जाते थे, उस शिविर में जिले के आला अधिकारी मौजूद होते थे और ग्रामीणों की जो भी समस्याएं आती थी उन्हें मौके पर ही निराकरण किया जाता था। उन्होंने कहा जिले की दूरस्थ इलाके जहां ग्रामीण जिला मुख्यालय नहीं आ सकते, उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता उन इलाकों में शिविर लगाना चाहिए। ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाना चाहिए। पूर्व कलेक्टर योगेंद्र शर्मा ने कहा कि सुशासन के लिए आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो ताकि आम लोगों की विश्वास पर अधिकारी कर्मचारी खरे उतरें। काम में पारदर्शिता लानी होगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी, कर्मचारी सरकार के चेहरा होते हैं। जिनसे आम लोग मिलते हैं। यदि कोई व्यक्ति आपसे नाराज होकर जा रहा है, इसका मतलब यह है कि आप अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं।


