आगर मालवा के नलखेड़ा स्थित विश्वप्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में गुप्त नवरात्रि की सप्तमी पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शनिवार सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचने लगे, जिससे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी भीड़ जमा हो गई। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने गर्भगृह से दर्शन अस्थायी रूप से बंद कर दिए। श्रद्धालुओं को सभा मंडप से दर्शन कराने की व्यवस्था की गई, ताकि दर्शन सुचारू रूप से हो सकें और किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। प्रशासन और पुलिस विभाग भीड़ नियंत्रण के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त बल तैनात किया, जो लगातार भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित व सहज दर्शन कराने में जुटा रहा। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान की गई साधना और आराधना का फल साधकों को शीघ्र मिलता है। इसी आस्था के चलते देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु मां बगलामुखी के दरबार में दर्शन, पूजन और हवन के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लगभग 30 से 40 मिनट तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही थी। सुबह से दोपहर 3 बजे तक करीब 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। भीड़ के कारण मंदिर मार्ग पर बार-बार जाम की स्थिति बन रही थी और मंदिर के आसपास के सभी पार्किंग स्थल पूरी तरह भर चुके थे। हवन बुकिंग के लिए भी श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार करना पड़ा। गुप्त नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या और धार्मिक उत्साह को देखते हुए माहौल शारदीय और चैत्र नवरात्रि जैसा प्रतीत हो रहा था। मां बगलामुखी के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ था।


