गुमला के कल्याण विद्यालयों में घटिया क्वालिटी के राशन, बैग और जूते की आपूर्ति हो रही है। िवभागीय मंत्री चमरा लिंडा के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया। उन्होंने तत्काल गुमला डीसी को निर्देश दिया कि वे ऐसे संवेदकों का पेमेंट रोकें और ब्लैक िलस्टेड करें। गुमला के जिला कल्याण पदाधिकारी (डीडब्ल्यूओ) को शो-कॉज कर तीन दिन में जवाब मांगा और मामले की जांच का निर्देश दिया। सोमवार को आदिवासी कल्याण आयुक्त के साथ हुई बैठक में मंत्री ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मंत्री ने बताया कि गुमला जिले के कई विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू के अनुरूप भोजन नहीं था। दूध-फल की आपूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने आदिवासी कल्याण आयुक्त को निर्देश दिया कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होनी चाहिए। आवासीय विद्यालयों में बच्चों को भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुरूप दें। छात्रवृत्ति के लिए 157 करोड़ का प्रस्ताव अनुमोदित मंत्री ने निर्देश दिया है कि मुख्यालय एवं क्षेत्रीय अधिकारी प्रत्येक शुक्रवार और शनिवार को क्षेत्र भ्रमण करें। पिछड़ी जाति के लंबित 2023-24 सत्र के पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 157 करोड़ विमुक्त किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया। मंत्री ने पूरे राज्य में आदिवासी हेल्थ एटलस तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि कल्याण विभाग संचालित विद्यालयों के बच्चों को राज्य के भीतर और पूरे देश में ‘एक्सपोजर विजिट’ कराया जाए।


