गुना जिले के चांचौड़ा क्षेत्र के पेंची गांव में सोमवार को पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने 29 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। एसपी अंकित सोनी ने मंगलवार सुबह जिला अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों का हाल जाना। विवाद एक युवती के प्रेम विवाह को लेकर शुरू हुआ था, जिसके बाद आक्रोशित भीड़ ने पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर पीटा और आंखों में मिर्च झोंक दी। घटना की जड़ 28 दिसंबर को दर्ज एक युवती की गुमशुदगी है। मोहम्मदपुर निवासी लोधा समाज की युवती मीना समाज के युवक के साथ चली गई थी। दोनों ने 1 जनवरी को प्रेम विवाह कर लिया। सोमवार को ग्रामीण और समाज के लोग बीनागंज चौकी पहुंचे और युवती को सौंपने की मांग की। पुलिस ने बालिग होने के कारण युवती के बयान दर्ज कर उसे वन-स्टॉप सेंटर भेज दिया। युवती ने अपनी सुरक्षा की मांग की थी। इसके बाद ग्रामीण वहां से लौट गए। चक्काजाम की कोशिश, पुलिसकर्मी को बंधक बनाया चौकी से लौटने के बाद भीड़ पैंची गांव में एनएच-46 पर चक्काजाम की कोशिश करने लगी और युवक के घर में आग लगाने की बात करने लगी। स्थिति बिगड़ने की आशंका पर एक आरक्षक मौके पर पहुंचा, तो भीड़ ने उसे घेरकर बंधक बना लिया और लाठी-डंडों से पीटा। सूचना पर चौकी प्रभारी और एसएएफ के जवान पहुंचे, तो भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया। लोगों ने आंखों में मिर्ची डाली और महिलाओं ने पत्थरबाजी की, जिससे पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। प्रधान आरक्षक मंगलसिंह तोमर और एसएएफ के एक एएसआई सहित कई जवान घायल हुए हैं। FIR में आरक्षक की जुबानी- पीठ पर दांतों से काटा चांचौड़ा थाने की बीनागंज चौकी में पदस्थ आरक्षक नरेंद्र ओझा ने रिपोर्ट में बताया, “मैं और आरक्षक मोनू करारे हालात की जानकारी लेने गए थे। वहां 29 नामजद और अन्य लोग चक्काजाम की कोशिश कर रहे थे। तभी सुनील लोधा और अर्जुन लोधा ने हमें पकड़कर बोला- ये दोनों पुलिस वाले हैं, हमारी जानकारी लेने आए हैं। इतने में भीड़ हम पर टूट पड़ी और मुझे तथा मोनू को लात-घूंसों से मारते हुए खेतों की तरफ ले जाने लगे। तभी सुनील लोधा ने मुझे पीठ पर दांतों से काट लिया। बाद में सभी ने हमें जमीन पर पटक दिया।” बचाने आई टीम पर लाठी-फर्सी से हमला आरक्षक ने आगे बताया, “बागड़ से लकड़ी के डंडे निकालकर पीटा, जिससे मेरे सिर से खून निकला। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी के हूटर की आवाज आई, तो भीड़ एकदम से गाड़ी की तरफ पलटी। चौकी प्रभारी एसआई अजय प्रताप, एएसआई नवाब सिंह, प्रधान आरक्षक मंगल सिंह तोमर, आरक्षक शुभम मिश्रा और विष्णु गुर्जर हमें बचाने उतरे। भीड़ ने उन पर जान से मारने की नियत से लाठी-फर्सी से हमला कर दिया। मंगल सिंह और नवाब सिंह के सिर से खून बहने लगा। चौकी प्रभारी को भी चोटें आईं। भीड़ ने पत्थर फेंककर गाड़ी का कांच तोड़ दिया। मौके पर और फोर्स आने पर आरोपी भाग गए।” एसपी अस्पताल पहुंचे, गांव में फोर्स तैनात एसपी अंकित सोनी ने मंगलवार सुबह जिला अस्पताल में घायल पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों से मुलाकात की। एसपी ने बताया कि 29 नामजद और अज्ञात लोगों पर एफआईआर की गई है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एहतियात के तौर पर आज भी गांव में फोर्स तैनात किया गया है। कॉन्स्टेबल को बंधक बनाया…छुड़ाने आई पुलिस टीम को पीटा गुना जिले के चांचौड़ा थाना क्षेत्र के पेंची गांव में ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। भीड़ ने पहले एक कॉन्स्टेबल को बंधक बनाया, जिसे छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला हुआ। इस दौरान एक ASI गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ… पूरी खबर पढ़ें


