गुरुग्राम लिव इन पार्टनर मर्डर केस में खुलासा:मुश्ताक ने अजीत नाम बता दोस्ती की; बोला-गला काटते वक्त जान की भीख मांग रही थी

हरियाणा के गुरुग्राम में लिव इन पार्टनर पूजा मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है। हत्या के आरोप में पकड़े मुश्ताक अहमद ने बताया कि उसने खुद को अजीत बताकर पूजा से फ्रेंडशिप की। फिर भरोसा दिलाने के लिए शादी का ड्रामा किया और लिव इन पार्टनर के तौर पर रहने लगा। उसने पुलिस को बताया कि जब उसने पूजा की हत्या की और गला काटा तो वह हाथ जोड़कर जान की भीख मांग रही थी। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि उसकी नजर पूजा के पैसों और उसकी बेटी पर थी। बता दें कि गुरुग्राम स्पा सेंटर में काम करने वाली पूजा का मुश्ताक ने कत्ल कर दिया था। पूजा की धड़ उत्तराखंड में नेपाल बॉर्डर से मिली लेकिन सिर अभी तक नहीं मिल पाया है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए मुश्ताक ने कैसे कत्ल किया… गुरुग्राम में मुलाकात, हिंदू नाम बताकर बढ़ाई नजदीकियां
उत्तराखंड के सितारगंज के गौरीखेड़ा से गिरफ्तार हुए मुश्ताक अहमद ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि साल 2022 में पहली बार पूजा से उसकी मुलाकात रुद्रपुर रोडवेज बस में गुरुग्राम आते वक्त हुई थी। उसने अपना नाम अजीत बताया था। पूजा भी उत्तराखंड की रहने वाली थी, इसलिए उससे आसानी से दोस्ती हो गई। इसके बाद 2022 में उत्तराखंड में पूजा की मां बीमार हो गई थी। मां को देखने के लिए दो से तीन बार पूजा मुश्ताक की टैक्सी लेकर उत्तराखंड गई थी। इससे दोनों में नजदीकियां बढ़ गईं। लिव इन में रहने लगे, झांसा देकर शादी भी की
आरोपी ने पुलिस को बताया कि नजदीकियां बढ़ीं तो लिव इन में रहने का फैसला किया। दोनों के साथ रहने से किसी को दिक्कत न हो, इसके लिए दोनों ने सितंबर 2024 में शादी भी कर ली थी। आगे बताया कि वह अक्टूबर 2024 में पूजा को छोड़कर अपने घर सितारगंज चला गया और रिश्तेदारी में ही एक मुस्लिम लड़की से निकाह कर लिया। इसका राज न खुले, इसके लिए वह काम होने की बात कहकर कभी गुरुग्राम और कभी सितारगंज आता जाता रहता था। पूजा ने किया हंगामा, बनाई हत्या की प्लानिंग
आरोपी के अनुसार, जब पूजा को उसकी शादी का पता चला तो उससे सहन नहीं हुआ। उसने कहा कि जब पहले शादी उससे कर ली थी तो अपनी बिरादरी में दूसरी शादी क्यों की? इस बात को लेकर वह सितारगंज तक आ गई थी। यहां उसने घर में हंगामा किया और पुलिस को शिकायत भी दी। झगड़ा बढ़ने पर आरोपी के घर वालों ने दोनों को घर से निकाल दिया। इसके बाद वह पूजा के साथ गुरुग्राम आ गया। मगर, यहां पूजा उससे इस धोखे को लेकर झगड़ती रहती थी। इस पर उसने पूजा की हत्या की प्लानिंग की। घुमाने के बहाने उत्तराखंड लाया, सुनसान इलाका चुना
पुलिस के मुताबिक, मुश्ताक ने बताया कि प्लानिंग के तहत वह 15 नवंबर 2024 को पूजा को अपनी बहन के घर खटीमा ले गया। वहां से 16 नवंबर को पूजा को घुमाने के लिए नदन्ना नहर जिला उद्यम सिंह नगर में ले गया। नदन्ना नहर के पास काली पुलिया है। यह जगह सुनसान रहती है। इसलिए वह पूजा को बात करने के बहाने पुलिया के पास ले गया। पीछे से गर्दन पर वार किया, पूजा चिल्लाती रही
पुलिस के मुताबिक, मुश्ताक ने काली पुलिया के पास पूजा से बात करते वक्त उसकी गर्दन पर पीछे से चाकू से वार कर दिया। पूजा को इसका आभास तक न था। चाकू लगते ही उसकी गर्दन से खून की धार बहने लगी। वह बचाओ बचाओ चिल्लाई, लेकिन उस वक्त कोई आसपास नहीं था। इसके बाद मुश्ताक तब तक उसकी गर्दन पर वार करता रहा, जब तक वह धड़ से पूरी तरह अलग नहीं हो गई। इस दौरान पूजा ने उससे जान की भीख भी मांगी। आखिर में पूजा ने उसकी आंखों के सामने ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। धड़ को नाले में फेंका, सिर को थैले में बंद कर पानी में बहाया
पुलिस के मुताबिक, मुश्ताक ने पूजा की हत्या से लेकर उसके शव को ठिकाने लगाने की पूरी प्लानिंग पहले ही कर ली थी। वह तेज धारदार चाकू, बेडशीट आदि सामान बैग में छुपा कर लाया था। सबसे पहले उसने धड़ को बेडशीट में लपेटकर गठरी बनाई और नाले में फेंक दिया। इसके बाद सिर को प्लास्टिक के थैले में बंद किया और पानी में बहा दिया। वह इस बात से निश्चित था कि यदि पुलिस को शव मिल भी जाए तो उसका सिर न होने की वजह से उसकी पहचान कभी नहीं होगी। भाई ने दुपट्टे से की पहचान, रक्षा बंधन पर पहना था
पुलिस ने 30 अप्रैल को उत्तराखंड के खटीमा से काली पुलिया अंडरपास से पूजा का शव बरामद किया। पूजा के भाई आशीष विश्वास को मौके पर बुलाया गया गया था। सिर कटी लाश को देखकर वह फफक पड़ा। बहन के दुपट्टे को देखकर उसने शव की शिनाख्त की। बताया कि रक्षाबंधन पर जब बहन ने उसे राखी बांधी थी तो उसने यही दुपट्टा पहना था। साढ़े पांच महीने से दिन रात वह बहन पूजा की सलामती की दुआ मांग रहा था। पुलिस कैसे मुश्ताक तक पहुंची, 4 पॉइंट्स में जानिए… 1. स्पा सेंटर नहीं पहुंची, बहन तलाशती हुई गुरुग्राम आई
पूजा उत्तराखंड के नानकमत्ता की रहने वाली थी। वह भी 2 बच्चों की मां थी, लेकिन उसका तलाक हो गया था। वह गुरुग्राम में स्पा सेंटर में काम करती थी। उसके दोनों बच्चे अपने पिता के पास रहते हैं। वह गुरुग्राम में मुश्ताक के साथ रहती थी। 15 नवंबर के बाद वह न तो स्पा सेंटर पहुंची और न ही उत्तराखंड। उसकी उत्तराखंड में रहने वाली बहन ने उसका फोन लगातार ट्राई किया, लेकिन वह बंद आता रहा। इसके बाद पूर्णिमा 19 दिसंबर 2024 को गुरुग्राम पहुंची और सेक्टर-5 थाना पुलिस को उसकी लापता होने की शिकायत दी। 2. पुलिस ने शुरू की जांच, मुश्ताक का नाम सामने आया
पूर्णिमा की ओर से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सबसे पहले पूजा की कॉल डिटेल्स निकाली गई। इसमें लोकेशन सहित कई जानकारियां सामने आईं। इसी में मुश्ताक का नंबर भी मिला, जिससे उसकी लगातार बात हो रही थी। चूकिं, मुश्ताक उत्तराखंड का रहने वाला था, इसलिए पुलिस की टीम सितारगंज गई। वहां से लिव इन रिलेशनशिप के मामले का पता चला। मुश्ताक के परिजनों ने यह भी बताया कि उन्होंने तो पूजा और मुश्ताक को अक्टूबर में ही घर से निकाल दिया था। इसके बाद से उन दोनों का कोई पता नहीं है। 3. पंक्चर की दुकान भी चलाता था मुश्ताक
परिजनों से जानकारी मिलने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने मुश्ताक की तलाश सितारगंज से ही शुरू की। उसके मिलने जुलने वालों से बातचीत में पता चला कि मुश्ताक कुछ साल पहले कुटरी गांव में पंक्चर लगाने की दुकान चलाता था। वह सितारगंज और खटीमा दोनों जगह रहता था। इसी बीच वह किराये पर टैक्सी चलाने का काम भी करने लगा। पुलिस ने खटीमा में भी उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। उत्तराखंड के उसके अन्य ठिकानों का भी पता चला, लेकिन पुलिस को वहां से भी कोई सफलता नहीं मिली। 4. साढ़े 5 माह चकमा देता रहा मुश्ताक, आखिर पकड़ा गया
गुरुग्राम पुलिस लगातार मुश्ताक की तलाश कर रही थी, लेकिन उसका पता नहीं चल रहा था। गुरुग्राम में वह कहां टैक्सी चलाता था, कहां रहता था, किन-किन से मिलता जुलता था, पुलिस ने सभी जगह और लोगों से बातचीत की, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में उत्तराखंड पुलिस की भी मदद ली। आखिर में पांच महीने बाद पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली की जिस मुश्ताक नाम के टैक्सी ड्राइवर की आपको तलाश है, वह उत्तराखंड के सितारगंज के गौरीखेड़ा में है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर उसे दबोच लिया। पुलिस कराएगी DNA, तलाश रही सिर
पुलिस ने पूजा की सिर कटी लाश तो उत्तराखंड से बरामद कर ली है, लेकिन उसका सिर तलाशना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। बुधवार और गुरुवार को कई घंटे तक सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन पूजा का सिर बरामद नहीं हो पाया। थाना प्रभारी का कहना है कि शव भी काफी गली सड़ी हालत में था। शव का डीएनए करवाया जाएगा, इसलिए शव को हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जबकि आरोपी को गुरुग्राम पुलिस अपने साथ ले आई। सिर को तलाशने के लिए गुरुग्राम पुलिस उत्तराखंड की पुलिस के साथ दोबारा सर्च अभियान चलाएगी। सिर तलाशना पुलिस के लिए इसलिए भी अहम है, क्योंकि उससे महिला के शव की पहचान पुख्ता हो जाएगी, जो कोर्ट में आरोपी मुश्ताक अहमद को सजा दिलवाने में बड़ा सबूत बनेगा।

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