दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का मोरहाबादी स्थित सरकारी आवास अब उनकी प|ी रूपी सोरेन के नाम पर आवंटित होगा। वह भी आजीवन के लिए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर भवन निर्माण विभाग ने इस आशय का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। दो सितंबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को पेश किया जा सकता है। इसके बाद यह आवास रूपी सोरेन के नाम पर हो जाएगा। इससे पहले नवंबर 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की सरकार ने यह आवास शिबू सोरेन के नाम पर आजीवन आवंटित करने का फैसला लिया था। उस समय झामुमो के सहयोग से भाजपा की सरकार बनी थी। अर्जुन मुंडा मुख्यमंत्री बने थे। झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के कारण उन्हें मोरहाबादी आवास आवंटित किया गया था। जब तक शिबू सोरेन जीवित रहे, तब तक इसी आवास में रहे। उधर सैनिक स्कूल के बच्चों का मामला भी कैबिनेट की बैठक में आएगा। जिन छात्रों के अभिभावकों की सालाना आय तीन लाख रुपए से कम है, उससे कोई फीस नहीं ली जाएगी। हैरिटेज भवन के रूप में विकसित हुआ है शिबू सोरेन का आवास झारखंड में 2019 में हेमंत सोरेन सरकार ने शिबू सोरेन के इस आवास को हैरिटेज भवन के रूप में विकसित करने का फैसला लिया था। फिर इसे झारखंड का धरोहर घोषित करते हुए इसका विकास किया गया। इस पर करीब 4.59 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। चूंकि अब शिबू सोरेन नहीं रहे। रूपी सोरेन झारखंड आंदोलनकारी की प|ी हैं। इसीलिए अब यह आवास रूपी सोरेन के नाम पर आवंटित करने का फैसला लिया गया है।


