सिटी रिपोर्टर } ग्वालियर | स्वर संस्कार संगीत गुरुकुल ने रागायन के सहयोग से गंगादास की बड़ी शाला में संगीत समारोह रखा। शुभारंभ स्वर संस्कार गुरुकुल के शिष्यों ने समवेत शास्त्रीय गायन से किया। गायन के लिए प्रात:कालीन राग अल्हैया बिलावल में मराठी बंदिश को चुनाव। इस क्रम में शिवहरा हे भवहरा…बंिदश पेश की। अगली प्रस्तुति कोल्हापुर से आए पं. विनोद डिग्रजकर के खयाल गायन की रही। गायन की शुरुआत राग मियां की तोड़ी से की। इसी क्रम में त्रिताल में तराना पेश किया। इस मौके पर शाला महंत रामसेवक दास महाराज, संगीत विवि की कुलगुरु स्मिता सहस्त्रबुद्धे मौजूद थीं।


