हनुमानगढ़ में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 649वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरु रविदास सेवा समिति द्वारा आयोजित पांच दिवसीय प्रभात फेरी का रविवार को समापन हो गया। इस दौरान नगर में भक्तिमय वातावरण रहा और श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। प्रभात फेरी गंगा मइया रेगर मोहल्ला से प्रारंभ हुई। यह बाजार मार्ग, लोहिया कॉलोनी, अंबेडकर कॉलोनी और भभूता सिद्ध कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों से गुजरी। अंत में प्रभात फेरी किरयाना भवन के पास स्थित रेगर धर्मशाला पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान गुरु रविदास के चित्र को एक सुसज्जित रथ में विराजमान किया गया था। श्रद्धालु भजनों की धुन पर नाचते-गाते हुए नगर भ्रमण कर रहे थे। नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर, रंगोलियां सजाकर और श्रद्धालुओं का अभिनंदन कर आयोजन में सहयोग किया। गुरु रविदास सेवा समिति के प्रतिनिधि गोविंद रेगर ने बताया कि जयंती के अवसर पर पिछले पांच दिनों से प्रतिदिन सुबह चार बजे प्रभात फेरी निकाली जा रही थी। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सोमवार को गुरु रविदास जयंती के मुख्य दिवस पर रेगर धर्मशाला में विशेष पूजा-अर्चना, आरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी होगा। समिति सदस्यों ने गुरु रविदास के जीवन और संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास का जीवन सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे पर आधारित था। उन्होंने समाज को जाति-पाति और भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, करुणा और मानवता का मार्ग दिखाया। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करती हैं। प्रभात फेरी के समापन अवसर पर समिति अध्यक्ष सुशील रेगर, उपाध्यक्ष रोशन रेगर, सचिव बंटी रेगर और कोषाध्यक्ष कर्ण रेगर सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य और श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी ने गुरु रविदास के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।


