गुरु-शिष्यों ने संविधान को साक्षी मान ली शपथ:13 दिन में 1 लाख शपथ की ओर ‘कंज्यूमर वॉइस न्यायोत्सव’, राजकीय विद्यालयों में उमड़ा जागरूकता का सैलाब

उपभोक्ता अधिकारों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा 30 दिवसीय ‘कंज्यूमर वॉइस न्यायोत्सव’ अब प्रभावी और ऐतिहासिक परिणाम देने लगा है। न्यायोत्सव के तहत ली जा रही उपभोक्ता जागरूकता शपथ के प्रति जिले में उत्साह चरम पर है। आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने इस उत्साह पर वक्तव्य देते हुए कहा, “उपभोक्ता अधिकारों को हर नागरिक की जिंदगी का हिस्सा बनाना ही इस न्यायोत्सव का मूल मंत्र है, और जिस तरह से जिले में उत्साह चरम पर है, उससे यह स्पष्ट है कि हम वास्तव में एक जागरूक समाज की ओर बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य केवल शिकायतें दर्ज कराना नहीं, बल्कि जागरूकता को एक राष्ट्रीय चरित्र बनाना है।” राजकीय विद्यालयों में दिखी जागरूकता की लहर अध्यक्ष मील ने बताया कि शनिवार को जिले के राजकीय विद्यालयों के हजारों विद्यार्थियों ने एक साथ उपभोक्ता जागरूकता शपथ ली। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा के निर्देशन में इस दौरान एक अनूठी पहल भी देखने को मिली, जहाँ शिक्षकों और विद्यार्थियों यानी गुरु-शिष्यों ने संविधान को साक्षी मानकर एक साथ शपथ ली। इस कदम ने यह संदेश दिया कि उपभोक्ता जागरूकता अब केवल एक कानूनी अनिवार्यता नहीं, बल्कि एक नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी भी है। हर खरीद पर बिल और ‘1915’ का संकल्प शपथ लेते हुए विद्यार्थियों ने उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। मुख्य रूप से उन्होंने हर खरीद पर बिल लेने की आदत विकसित करने, मानक चिन्हित उत्पादों की पहचान करने और गलत व्यापार या कार्य व्यवहार की स्थिति में आयोग से न्याय पाने की प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने की शपथ ली। सबसे महत्वपूर्ण संकल्प यह रहा कि विद्यार्थियों ने यह जागरूकता केवल अपने तक सीमित न रखकर अपने अभिभावकों में भी विकसित करने और राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 के प्रति भी जागरूकता की अलख जगाने का दृढ़ संकल्प लिया। 13 दिनों में लक्ष्य पूर्ण होने के करीब आयोग द्वारा जिले में एक लाख से अधिक लोगों को शपथ दिलवाने का लक्ष्य रखा गया था। सामान्यतः 30 दिनों के लिए निर्धारित यह लक्ष्य, जनता के अपार समर्थन और उत्साह के कारण महज 13 दिवस में ही पूर्ण होने के करीब है, जो कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। नागरिकों की सुविधा के लिए आयोग ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों तरीकों से शपथ लेने की व्यवस्था की है। आयोग द्वारा जारी किए गए क्यूआर कोड एवं लिंक पर जाकर कोई भी व्यक्ति उपभोक्ता जागरूकता की शपथ लेकर तत्काल ऑनलाइन शपथ प्रमाण पत्र भी डाउनलोड कर सकता है। अध्यक्ष मनोज मील ने कहा कि यह न्यायोत्सव स्पष्ट करता है कि उपभोक्ता अब अपने अधिकारों के प्रति न केवल जागरूक हो रहे हैं, बल्कि उन्हें अपनी दैनिक जिंदगी का हिस्सा बनाने के लिए भी कृतसंकल्प हैं, जिससे भविष्य में सशक्त और जिम्मेदार उपभोक्ता संस्कृति का निर्माण होगा।

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