डूंगरपुर शहर के घाटी दरवाजे के ऊपर लेपर्ड खड़ा था और नीचे से बाइक सवार गुजरते रहे थे। यह देख दरवाजे से दूर खड़े लोग चिल्लाते हुए वाहन चालकों को दूर जाने की नसीहत दे रहे थे। शोर सुनकर एक बार लेपर्ड भी खड़ा होकर सबको घूरने लगा। घटना रविवार देर शाम की है। इसका वीडियो आज सामने आया है। घाटी मोहल्ले से सारणेश्वर मंदिर रोड पर घाटी का पुराना दरवाजा है। दरवाजे के ऊपर से रविवार देर शाम लेपर्ड गुजरते हुए दिखा। लेपर्ड उदय विलास की पहाड़ियों से होता हुआ धनमाता की पहाड़ियों की तरफ जा रहा था। दरवाजे के नीचे से शहर और कई गांवों की तरफ आने जाने का रास्ता है। जब लेपर्ड दरवाजे से गुजर रहा था। उस समय कई बाइक सवार भी नीचे से निकल रहे थे। यह देख लोगों ने चिल्लाते हुए वाहन चालकों को दूर जाने की नसीहत दी। शोर सुनकर लेपर्ड लोगों को घूरने लगा। इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने लेपर्ड का वीडियो भी बनाया। आबादी के पास दिखने से लोगों में दहशत घाटी मोहल्ले के इसी दरवाजे के पास निसार ए हाली प्राइवेट और एक सरकारी स्कूल भी है, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ते हैं। वहीं, पास ही घनी आबादी है। पहाड़ी के दोनों तरफ आबादी है। ऐसे में घरों के नजदीक लेपर्ड दिखने से लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों ने लेपर्ड को रेस्क्यू करने की मांग की है। बांसड़वाड़ा की पहाड़ियों पर दिखे थे 3 लेपर्ड शहर के ही नगर परिषद के पीछे की तरफ स्थित बांसड़वाड़ा के उदय विलास की पहाड़ी पर भी कुछ दिन पहले एक साथ 3 लेपर्ड दिखे थे। पहाड़ी के नीचे ही घनी आबादी है। उस समय भी लेपर्ड पत्थरों पर बैठकर अटखेलियां करते नजर आए थे। वहीं, कुछ दिनों बाद एक लेपर्ड आबादी की तरफ भी आया था। बाद में वह वापस पहाड़ी पर चला गया था। साबला में घर में घुस गया था लेपर्ड साबला में पिछले दिनों एक लेपर्ड घर में घुस गया था। लेपर्ड घर के बरामदे में एक खाट के पास बैठा मिला था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद खाट से उसे दबाकर रेस्क्यू किया था। ऐसे में अब लेपर्ड शहर और गांवों में भी आबादी की ओर आने लगे है। इससे लोगो में डर का माहौल है।


