गैंगस्टरों के मुद्दे पर AAP ने बादल-धामी को घेरा:पन्नू ने शादी की फोटो जारी किए, पूछा इनके सहारे सियासत में वापसी करेंगे

आम आदमी पार्टी (AAP) ने गैंगस्टरों के बहाने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल व एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी को घेरा। AAP नेता बलतेज पन्नू ने एक शादी की आठ के आठ फोटो जारी कर सुखबीर बादल व धामी से सवाल किया। उन्होंने कहा कि जिस शादी में वह शामिल हुए थे। वह गैंगस्टर की बहन थी। उस गैंगस्टर की पुलिस को तलाश है। सुखबीर बादल साफ करें कि क्या वह गैंगस्टरों के माध्यम से अपनी सियासत में वापसी करना चाहते हैं। उन्हें यह लगता है कि पंजाब के लोग बार-बार उन्हें नकार चुके हैं। उनके पास कोई राह नहीं बची कि अब गैंगस्टरों का सहारा लिए बिना अब उनकी दाल पंजाब की राजनीति में गल नहीं सकती। सुखबीर बादल गैंगस्टर वाद को उत्साहित कर रहे हैं। वह पंजाब के लोगों पर गैंगस्टरों का दबाव बनाकर अगले चुनाव में आना चाहते हैं। इसलिए गैंगस्टरों के परिवारों का साथ दे रहे हैं और उनसे समर्थन ले रहे हैं। दूसरा, एसजीपीसी प्रधान धामी भी स्पष्ट करें कि वह एसजीपीसी प्रधान होने के नाते गैंगस्टरों के परिवारों के समागमों में जा रहे हैं या सुखबीर बादल के सिपाही होने के नाते। अगर सुखबीर बादल के सिपाही के रूप में गए तो किसी को कोई ऐतराज़ नहीं है, उनसे यही उम्मीद है। अगर एसजीपीस प्रधान के रूप में गए हैं तो यह ऐतराज़ हो सकता है कि पंजाब के विभिन्न केसों में ज़रूरी व्यक्ति को इतनी अहमियत हरजिंदर सिंह धामी या बादल क्यों दे रहे हैं। अब कुछ प्वाइंटों में जाने – अकाली दल बादल ने लंबा चौड़ा इतिहास प्रेस कांफेंस में कहा पन्नू ने कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ जो पंजाब पुलिस का एक्शन प्रहार चल रहा है, वह लगातार चलता रहेगा। जो गैंगस्टरों को पनाह देने वाले हैं, उन पर भी शिकंजा कसा जा रहा है।
पंजाब के साथ हुए धोखों की बात करें तो अकाली दल का इस मामले में लंबा-चौड़ा इतिहास है। 1978, 84, 88, 96 ले लो।
पुलिस की तरफ से की गई ज्यादतियां की गईं और बाद में उन्हीं लोगों को तरक्की देकर ऊंचे पदों पर पहुंचा दिया गया। 2015 में जब गुरु साहिब की बेअदबी हुई, इसमें उन्हीं अफसरों के नाम आते हैं जिन्हें तरक्कियां देकर ऊंचे पदों पर पहुंचाया गया। पंजाब में गैंगस्टर पैदा किसने किए कल सुखबीर बादल पंजाब के पुलिस अफसरों को धमकियां दे रहे थे कि हमारी सरकार आ जाए तो हम इन पर कार्रवाई करेंगे। दूसरी साइड पर वही यह भी कह रहे हैं कि हम गैंगस्टरों पर शिकंजा कसेंगे, गैंगस्टरों को सख्ती से दबाएंगे। कौन कह रहा है यह सुखबीर बादल। ऐसा लगता है जैसे तालिबानी मोमबत्ती मार्च निकालने की बात कर रहे हों। गैंगस्टर किसने पैदा किए? गैंगस्टर शब्द पंजाब में कब आया? जब अमृतसर में एक एसआई अपनी बेटी को बचाने गया, उसकी इज्जत को बचाने गया, उसका सरेआम कत्ल किया गया। उसकी मृत देह पर भंगड़े डाले गए। एक नाबालिग लड़की को निशान नाम का इनका नज़दीकी पंजाब से अगवा करके ले गया। एक पुलिस अफसर की टांग लुधियाना में सरेआम तोड़ी गई। इसका शिखर नाभा जेल ब्रेक कांड थाकैसे गैंगस्टर भगाए गए, यह किसी से छिपा नहीं है। इसके बाद कांग्रेस आ गई। उन्होंने दूसरे सूबों के लोगों को यहां आकर रखने शुरू कर दिए थे। तरनतारन चुनाव में गैंगस्टर परिवार को टिकट दी तरनतारन का उप-चुनाव सबको याद होगा। उप-चुनाव में अकाली दल बादल ने जिसे टिकट दी, उसके नतीजों के बाद यह कहा गया कि हमारी वापसी हो रही है। डायनासोरों को सांकल डालकर वीडियो बनाकर घूम रहे थे। यह भी कहा गया कि वह धर्मी फौजी का परिवार है। वह धर्मी फौजी किसी ने इलेक्शन के दौरान नहीं देखा। उसने किसी जगह पर प्रचार नहीं किया। न यह पता लगा कि वह धर्मी फौजी का परिवार कैसे था। तरनतारन के लोगों से झूठ बोलने की कोशिश की गई। रियलिटी में जिस उम्मीदवार को टिकट दी गई थी, वह गैंगस्टर के परिवार से सीधे जुड़ी हुई थी। गैंगस्टर के परिवार की शादी में शामिल हुए उसी गैंगस्टर के परिवार में दो दिन पहले अमृतसर में विवाह हुआ। उसमें अकाली दल बादल, उनके बाकी साथी, सारे नज़दीकी ऐसे शामिल हुए जैसे यह कोई आम बात हो। यह एक किस्म से गैंगस्टरों को उत्साहित करके पंजाब का माहौल खराब करने के यत्न हैं। पहले भी यह कोशिश कर रहे हैं। इसमें न केवल सुखबीर बादल शामिल हैं, बल्कि विरसा सिंह वल्टोहा, बीबी गनीब कौर मजीठिया भी शामिल हैं। इसमें एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी भी शामिल हुए। धामी बार-बार कहते हैं कि वह 10वें बादशाह के सिपाही नहीं, बल्कि अकाली दल बादल के सिपाही हैं। शायद वह अकाली दल बादल के सिपाही के रूप में ही शामिल हुए। यह भूल गए कि वह एक धार्मिक संस्था के प्रधान हैं। और फिरौती मांगने वालों व लोगों के कत्ल में शामिल नज़दीकी व्यक्ति के विवाह में शामिल हो रहे हैं। शादी की फोटो में सारे साथ दिखे वह कहते हैं कि वह धार्मिक संस्था के प्रधान हैं। गैंगस्टर अमृतपाल बाठ की बहन की शादी थी। यह धामी, विरसा वल्टोहा और सुखबीर बादल की फोटो है। सुखबीर बादल के एक साइड में तरनतारन उप-चुनाव की उम्मीदवार है। यहां पर वह धर्मी फौजी नहीं है, जो यह कहते थे कि धर्मी फौजी परिवार की फोटो है। तरनतारन से जो उम्मीदवार बने थे, उनके साथ गैंगस्टर की माता और हरजिंदर सिंह धामी खड़े हैं। यह फोटो इनके सोशल मीडिया से ली गई है। एक फोटो में ब्रह्मपुरा और सुखबीर बादल खड़े हैं। एक फोटो में गनीब कौर मजीठिया भी खड़ी हैं। अकाली नेताओं को कोई शादियों ने नहीं बुलाता सवाल यह है कि क्या अब अकाली दल के नेताओं को विवाहों में कोई बुलाता नहीं है? क्या यह गैंगस्टरों के परिवारों के विवाहों तक ही सीमित हो गए हैं? जो इस समय पंजाब की सरकार गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है, दूसरी तरफ बादल इन गैंगस्टरों के परिवारों के साथ अपनी सांझी फोटो लोगों के सामने ला रहे हैं और उनके समागमों में प्रमुखता से शामिल हो रहे हैं। पंजाब के लोगों को जागरूक होने की ज़रूरत है। पिछले समय जब पंजाब में गड़बड़ हुई है, उसमें अकाली दल का क्या रोल रहा है। गैंगस्टर के परिवार के विवाह में शामिल होने की यह फोटो है। सुखबीर बादल साफ करें कि क्या वह गैंगस्टरों के माध्यम से अपनी सियासत में वापसी करना चाहते हैं। उन्हें यह लगता है कि पंजाब के लोग बार-बार उन्हें नकार चुके हैं। उनके पास कोई राह नहीं बची कि गैंगस्टरों का सहारा लिए बिना अब उनकी दाल पंजाब की राजनीति में गल नहीं सकती।

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