भास्कर न्यूज | हजारीबाग पांच दिवसीय चंपा दिशोम सोहराय महापर्व गोट पूजा के साथ शुक्रवार से प्रारंभ हो गया। सरहुल मैदान स्थित मांझी थान जाहेर थान परिसर में ऑल संथाल स्टूडेंट यूनियन ,आदिवासी छात्र संघ ,आदिवासी केंद्रीय सरना समिति, भारत जगत मांझ़ी परगना,संथाल समाज दिशोम परगना संथाल समाज एवं अन्य संगठनों के सहयोग से महापर्व मनाया जा रहा है। कार्यक्रम मनोज टुडू की अध्यक्षता में हुई। वही गोट पूजा हजारीबाग जिला नायके विकास टुडू, प्रकाश टुडू ,परानिक शोधन मरांडी, मांझी हडाम संजलू मांझी, कैला मांझी ने गोट पूजा कर सोहराय महापर्व का शुभारंभ हुआ। विकास गुड्डू ने कहा कि सोहराय महापर्व सभी आदिवासियों एवं मूल निवासियों के महत्वपूर्ण त्योहार में से एक है। जिसमें संथाल समाज का सबसे बड़ा पर्व सोहराय है। सोहराय पर्व का प्रथम दिन पूरे गांव में सुख शांति बनी रहे इसके लिए अपने सभी देवी देवताओं अपने प्राकृतिक देवी देवताओं से प्रार्थना एवं पूजा करते हैं। प्रकाश टुडू ने कहा कि हजारीबाग संथाल समाज समुदायों का ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल रही है इसे जीवित करने का प्रयास है। रमेश हेंब्रम ने कहा कि हजारीबाग जिला मुख्यालय में सोहराय पर्व मानना युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कार्य है।ऑल संथाल स्टूडेंट यूनियन के केंद्रीय प्रवक्ता आनंद सोरेन ने कहा कि सोहराय पर्व आते ही ग्रामों में एक खुशी का माहौल हो जाता है। ऑल संथाल स्टूडेंट यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष मनोज टुडू ने कहा कि इस सोहराय पर्व के माध्यम से युवाओं को अपने संस्कृति से प्रेम करने के लिए प्रेरणा देती है। शिवजी टुडू ने कहा सोहराय पर्व आपसी दुश्मनी को छोड़ एक प्रेम करने का संदेश देता है।कार्यक्रम में विष्णु मुर्मू, शिवजी टुडू, दुरु परेज मांझी हडाम ,लालजी मांझी, बालीडिह मांझी, हडाम कैला मांझी, बिन करवा मांझी ,हडाम संजूलू मांझी, गोंडवार मंजिहाराम, जगदेव मांझी ,बबलू मुर्मू सहित आदिवासी समाज के सैकड़ों लोग उपस्थित थे।


