भास्कर न्यूज़ | दुमका तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय, गोड्डा के स्नातक अंतिम वर्ष के 49 छात्र-छात्राओं का दल शनिवार को दुमका पहुंचा। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), दुमका के मार्गदर्शन में रावे कार्यक्रम के तहत चलने वाले इस 15 दिवसीय ग्रामीण कृषि भ्रमण में छात्र जिले के चयनित गांवों में रहकर किसानों से प्राकृतिक खेती के गुर सीखेंगे। छात्रों का यह दल गांव जाकर किसानों से उनकी पारंपरिक खेती कौशल और उनके मौसम आधारित खेती की जानकारी हासिल करेंगे। छात्रों का यह दल लैब में वर्तमान समय में अत्यधिक खेती के तरीकों के बारे में चल रहे शोध पद्धतियों के बारे में भी जानकारी देंगे। वे किसानों को ड्रिप इरिगेशन, जैविक खाद निर्माण और एकीकृत कीट प्रबंधन जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी देंगे। कृषि विज्ञान केंद्र दुमका के प्रमुख व महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अमृत कुमार झा ने बताया कि छात्र संथाल परगना की विशिष्ट मिट्टी-जलवायु में होने वाली खेती को निकट से समझेंगे। डॉ. झा ने कहा, “किसानों के पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक पहलुओं को समझना जरूरी है, क्योंकि इनमें ही स्थानीय खेती की कुंजी छिपी है। इन्हें बचाते हुए किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना जरूरी है। कृषि वैज्ञानिकों को स्थानीय चुनौतियों को ढूंढना होगा। मौके पर छात्रों को कॉलेज के प्राध्यापक अभिजीत कुमार समेत कई अन्य ने संबोधित किया । दुमका |बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विकास मंत्री संजय कुमार पासवान ने शनिवार को बासुकीनाथ में पूजा-अर्चना की। तारापीठ जाने के क्रम में जामा प्रखंड में उन्होंने एनडीए कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं ने मंत्री का जोरदार स्वागत किया। मंत्री ने कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और इसमें कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।


