खाद्य मंत्री सुमित गोदारा के राहुल गांधी की शादी पर दिए बयान पर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने पलटवार किया है। डोटासरा ने कहा-RSS की पाठशाला में क्या इसी तरह की बातें सिखाई जाती है। कौन कब शादी करेगा और कौन नहीं करेगा। आपको किसी के निजी जीवन में झांकने का अधिकार किसने दे दिया। सरकार के मंत्री सुमित गोदारा किस तरीके की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, क्या उनको ये ही संस्कार है। इनकी बजट घोषणाएं 10 से 15% भी पूरी नहीं हुई है। बजट तो छोड़िए डीपीआर तक नहीं बनी। यह लोग केवल अनर्गल बयानबाजी करते हैं,क्योंकि इनके पास विकास का कोई विजन नहीं है। स्कूल जर्जर हालत में,AI शिक्षा की बात करते
सीकर में अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए डोटासरा ने कहा-राजस्थान सरकार की कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि अब हमारे स्कूलों में AI मॉडल आधारित पढ़ाई करवाएंगे। मुझे उनकी कैबिनेट प्रेस ब्रीफिंग देखकर हंसी आई। जिस प्रदेश में 500 से ज्यादा स्कूल के भवन जर्जर है। आज भी कई स्कूलों में बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर है। 200 के लगभग स्कूल बिल्कुल बैठने लायक नहीं है। प्रतापगढ़ में तो टीचर क्या बिल्डिंग ही नहीं है और न बैठने की व्यवस्था है। झालावाड़ हादसे को 12 महीने से ज्यादा हो गए लेकिन बिल्डिंग नहीं बनी। इस हादसे के बाद राजस्थान सरकार ने एक सर्वे करवाया था, जिसमें पाया कि 16 हजार करोड़ रुपए का बजट चाहिए, तब जाकर उनकी मरम्मत हो सकेगी। उनकी व्यवस्था तो सरकार कर नहीं पा रही। AI मॉडल की शिक्षा देने की बात कर रहे है। केवल लोगों को भ्रमित कर रही सरकार
डोटासरा ने कहा- ये (सरकार) विदेशी तकनीक लेना चाहते हैं लेकिन इनकी शिक्षा नीति कहती है कि आपको इंग्लिश पढ़ानी ही नहीं है। इंग्लिश स्कूल बंद कर दो। सोचने वाली बात है कि बिना इंग्लिश के AI कैसे आएगी। अब कैबिनेट में ऐसे फैसले लेकर लोगों को केवल भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। 2 साल में इनसे कोई भी काम नहीं हुआ। भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं उलांग दी गई है। मंत्री खुद कह रहे, बीसलपुर से बजरी चोरी हो रही
सरकार बनी तो इन्होंने खनन माफिया के खिलाफ अभियान शुरू किया था। महीने भर अभियान चलाया। इसके बाद बंद कर दिया और अपना हिस्सा तय कर लिया। अब खुलेआम अवैध खनन हो रहा है। बजरी का खनन हो रहा है, इनका खुद का मंत्री कह रहा है कि बीसलपुर से प्रतिदिन 8 करोड़ की बजरी चोरी हो रही है। कैबिनेट की बैठक जो भी 2 साल में हुई उसमें तकरीबन औने पौने दामों में हमारे लैंडबैक को लुटाने का काम हो रहा है। इसमें भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। लाखों नौकरियां और पाइप लाइन बिछाने की बात करते हैं। मुख्यमंत्री बताएं वह पाइपलाइन कहां पर है। आप पूरे साल का कैलेंडर देख लीजिए उसमें मुश्किल से 20 हजार भर्ती नहीं होगी। मंत्री सड़कों के टेंडर निरस्त करवा रहे
डोटासरा ने कहा- लक्ष्मणगढ़ में मंत्री भोजन करने के लिए अपने कार्यकर्ता के घर पर गए। तब उस कार्यकर्ता ने कह दिया कि चेयरमैन के वार्ड में सड़क नहीं बननी चाहिए। मंत्री ने तत्काल 1 मिनट में फोन करके कह दिया कि इसे निरस्त कर दो। मेरा मंडल अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष नहीं चाह रहा है। यह गुड गवर्नेंस की निशानी नहीं है। मंत्री को नगर पालिकाओं को एक्स्ट्रा बजट देकर उन्हें मजबूत करने का काम करना चाहिए। डोटासरा ने कहा कि मैंने लक्ष्मणगढ़ में नगर पालिका का नया भवन बनाने के लिए बजट में 5 करोड़ की घोषणा करवाई थी। उसके लिए मंत्री को पैसा देना चाहिए था। मंत्री सड़कों के टेंडर निरस्त करवा रहे हैं। सीकर में नगर निगम की बात मंत्री कर रहे थे वह भी नहीं आया। सीवरेज के जो काम चल रहे थे वह बंद पड़े हैं। हर विभाग में कमीशन का खुला खेल
सीकर के कई विकास प्रोजेक्ट भी आज तक शुरू नहीं हुए हैं। सीकर के कोर्ट भवन में वकीलों के बैठने की जगह के लिए बजट नहीं दिया तो क्या अब वकील सड़क पर बैठेंगे। मुख्यमंत्री 14 से 15 बार सीकर आए। उन्होंने सीकर संभाग और नीमकाथाना जिला समाप्त कर दिया। जब आते हैं तो केवल थोथे भाषण देते हैं कि यमुना का पानी आएगा, नर्मदा का पानी आएगा। लेकिन इनसे डीपीआर तक नहीं बनी। डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री गंगानगर में मेरा नाम लेकर कह रहे थे कि हम पानी पिलाएंगे। मैं लिखकर देता हूं कि अगर सरकार 5 साल में 100 लीटर पानी भी अगर यमुना का लेकर आए तो मैं खुद इनको धन्यवाद दूंगा कि आपने हमको पानी पिलाया। मुख्यमंत्री भाषण देते हैं कि हम मगरमच्छों को पकड़ेंगे,भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे। आज भ्रष्टाचार चार गुना ज्यादा बढ़ चुका है। किसी भी विभाग में चले जाओ वहां पर कमीशन का खुला खेल है। ब्यूरोक्रेट्स इतने हावी हो चुके हैं कि किसी को कोई पूछने वाला नहीं है। अरावली को खनन माफिया की भेंट चढ़ाने वाले थे
यह लोग तो अरावली को खनन माफिया के हवाले कर रहे थे। यह तो सुप्रीम कोर्ट की जय हो और राजस्थान के लोगों को धन्यवाद कि उन्होंने आंदोलन खड़ा किया और उसकी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। अब मैं मानता हूं कि 21 तारीख को कोर्ट सब कुछ ठीक करेगा। 10-20 दिन बाद जब मनरेगा खत्म हो जाएगी तो मजदूर कहां पर जाएगा। मंत्री सुमित गोदारा कहते घूम रहे हैं कि हमने खाद्य सुरक्षा गारंटी अधिनियम में नाम काट दिए। नाम काटना कोई बहादुरी थोड़ी है। आपने कितने लोगों को आत्मनिर्भर बनाया, इस बारे में कोई बात नहीं की। 200-300 लोग अतिवृष्टि में खत्म हो गए उसे बारे में कोई बात करने वाला नहीं है। सीकर में जो अतिवृष्टि हुई उनमें केवल तीन बीजेपी विधायकों के विधानसभा एरिया में खराबा दिखा दिया और कहीं खराबा नहीं दिखाया क्योंकि यह तो कांग्रेस के मतदाता है और कांग्रेस को वोट देते हैं इसलिए उनके यहां खराबा नहीं दिखाएंगे। डोटासरा ने कहा कि आज डेडलाइन है कि 31 दिसंबर 2025 के बाद आप 2027 के आखिर तक जब जनगणना होगी, तब तक आप कोई पंचायत, तहसील, उपखंड नहीं बना सकते। यह टाइम बीतने के बाद आपके पास समय ही नहीं बचेगा। 33 से 34 % में यह सरकार बनी है तो 66% लोग तो उनके खिलाफ हैं। उन लोगों की आवाज प्रतिपक्ष है। आज तक हमने कभी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को यह कहते नहीं सुना कि प्रतिपक्ष ने यह समस्या बताई है और हम उसका समाधान करेंगे। बस उनके पास तो वही रटा रटाया जवाब है। भाषण के पन्ने पर केवल तारीख बदलती है और कई बार तो तारीख भी नहीं बदली जाती।


