महेश नगर इलाके में गोपालपुरा बाईपास स्थित एक कोचिंग के क्लास रूम में अचानक जहरीली गैस फैलने से 7 छात्राओं सहित 10 लोग बेहोश हो गए। जिन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद 4 को सीके बिड़ला हॉस्पिटल रैफर कर दिया। कोचिंग के क्लास रूम में स्टूडेंट्स की बेहोश होने की खबर फैलते ही कई छात्र नेता मौके पर पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन करने लगे। देर रात तक कोचिंग के बाहर छात्र नेताओं का धरना जारी था। उनकी मांग है कि कोचिंग प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कर करवाई करें।एनओसी की भी जांच हो। इस दौरान पुलिस व एसडीएम रोजश जाखड़ समझाइश करने पहुंचे। क्लास में प्रत्यक्षदर्शी छात्र ने बताया कि रविवार को करीब 350 बच्चे पढ़ रहे थे। एग्जाम होने के कारण स्टूडेंट कम थे, अन्यथा इस क्लास में संख्या और ज्यादा रहती है। इस दौरान शाम 5:30 बजे अचानक रूम में बदबू आई और 15 से 20 स्टूडेंट्स का खांसी आना शुरू हो गई। कोचिंग प्रबंधन स्टूडेंट्स को जैसे ही बाहर निकालना शुरू किया, जब तक 10 बेहोश हो गए। जिनमें सात छात्राएं शामिल थीं। एसीपी योगेश चौधरी ने बताया कि कोचिंग के पास वाली बिल्डिंग में पीजी चलता है। दोनों बिल्डिंगों के बीच की गली में सीवर के पाइप भी लगे हैं और बदबू फैली हुई है। प्रथमदृष्टया पीजी के किचन में कुछ बनाने के दौरान एक्जॉस्ट चलाने से बदबू फैल गई, जाे कोचिंग क्लास रूम और पीजी के किचन तक चली गई, क्योंकि पीजी का रसोइया भी बेहोश हुआ है। निगम बोला- घटना की जांच कराई जाएगी
इलाज होने के बाद पुलिस सभी स्टूडेंट्स को मेडिकल कराने के लिए सरकारी अस्पताल ले गई। इधर, सूचना मिलने पर ग्रेटर निगम मानसरोवर जोन की टीम जांच के लिए पहुंची, लेकिन तब तक कोचिंग प्रबंधन ने बिल्डिंग के ताले लगा दिए थे। जोन उपायुक्त लक्ष्मीकांत कटारा ने बताया कि कोचिंग में क्लास चल रही थी, वहां आई बदबू पीजी हॉस्टल की सीवर लाइन की हो सकती है। मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर ने कहा कि कोचिंग में हुई घटना की जांच कमेटी से कराई जाएगी। छात्र नेताओं ने दिया धरना
घटना के बाद आरयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी, एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़, महेश चौधरी, नीरज खीचड़, विकास विधूड़ी व आदित्य शर्मा सहित कई छात्र नेता मौके पर पहुंचे। इस दौरान निर्मल चौधरी की पुलिस से कहासुनी होने पर छात्र उग्र हो गए। उसके बाद छात्र नेताओं के नेतृत्व में स्टूडेंट कोचिंग के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एडिशनल डीसीपी ललित किशोर शर्मा के नेतृत्व में आधा दर्जन थानों के एसएचओ और अतिरिक्त जाब्ता लगाया गया है।


