गोरखपुर में एफ बार बाय फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर लगभग 1 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में रामगढ़ताल पुलिस ने रविवार को मुख्य आरोपी वैभव मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। इस प्रकरण में 18 दिसंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। इस मामले की शिकायत जूही सिंह पत्नी राकेश सिंह, निवासी शिवपुर कॉलोनी, रामगढ़ताल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की थी। जूही सिंह ‘पार्क हॉस्पिटैलिटी’ नामक फर्म संचालित करती हैं, जिसमें वैभव मणि त्रिपाठी और करुणेश प्रताप शाही अंशधारक थे। आरोप है कि वैभव मणि त्रिपाठी ने खुद को फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताते हुए कानपुर और गोरखपुर में ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि वैभव मणि के झांसे में आकर जूही सिंह और उनके पति राकेश सिंह ने अलग-अलग किश्तों में करीब एक करोड़ रुपये नकद और बैंक ट्रांजैक्शन के माध्यम से आरोपी व उसके सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर किए। इनमें फैशन टीवी के नाम पर भुगतान, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कराने और सेटअप के नाम पर ली गई रकम शामिल है। आरोप है कि न तो कभी फ्रेंचाइजी के बारे में बताया गया और न ही किसी वैध अनुबंध का पालन हुआ। बाद में फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क करने पर कंपनी ने किसी भी प्रकार के अनुबंध या भुगतान से साफ इनकार कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि प्रस्तुत अनुबंध पत्र में फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। जिसकी पुष्टि हस्तलेखन विशेषज्ञ की रिपोर्ट से हुई। जब पीड़िता ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी की ओर से जान-माल की धमकी दी गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि वैभव मणि त्रिपाठी अपने रिश्तेदारों और सहयोगियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह के रूप में इस तरह की ठगी करता है। रामगढ़ताल पुलिस ने वैभव व करुणेश के अलावा अखिलेश पाठक, अभिषेक पाठक, गौतम कनौडिया, रामअवतार बंसल, गौरव कनौडिया और नरेंद्र त्रिपाठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इस संबंध में सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि ठगी के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ जारी है और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


