अमृतसर | शहर में पंजाबी भाषा और संस्कृति को सम्मान देने के उद्देश्य से स्थापित की गईं कई कलाकृतियां आज बदहाली का शिकार हैं। लाखों खर्च कर बनाई गई कलाकृतियां प्रशासनिक लापरवाही की कहानी बयां कर रही हैं। शहरवासियों का कहना है कि अगर समय रहते इन कलाकृतियों की देखरेख नहीं की गई, तो आने वाले समय में यह पूरी तरह खत्म हो सकती हैं। हॉल गेट के पास फिक्की फ्लो द्वारा स्थापित ‘पंजाबी साडी मां बोली’ प्रतिमा का अनावरण फरवरी 2023 में किया गया था। जिसकी हालात अब खराब हैं। चूहों ने नीचे गड्ढे कर दिए हैं और प्रतिमा धूल-मिट्टी से अटी पड़ी है। – फोटो : सुनील कुमार हॉल गेट के पास ‘पंजाबी साडी मां बोली’की बदहाल हो चुकी प्रतिमा। 22 नंबर फाटक के पास नवनिर्मित फ्लाईओवर पर 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों के तहत शहर के सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट के अंतर्गत अक्खर चौक का निर्माण किया गया था। वर्तमान में हालात यह हैं कि रखरखाव के अभाव में कई अक्खर गायब हो चुके हैं। गोल्डन गेट के पास पंजाबी भाषा और पंजाबियत को बढ़ावा देने वाली ‘पंजाबी साडी मां बोली’ प्रतिमा भी फरवरी 2023 में स्थापित की गई थी। अब इस प्रतिमा में कई जगह दरारें पड़ चुकी हैं और रंग भी उड़ गया है। नॉवेल्टी चौक पर पंजाबी भाषा के महत्व को दर्शाने वाली एक बच्चे की प्रतिमा फरवरी 2017 में स्थापित की गई थी। जहां प्रतिमा लगाई गई है वहां अब चूहों ने गड्ढे कर दिए हैं। प्रतिमा पर धूल-मिट्टी जमी है और पेंट का रंग भी फीका पड़ चुका है।


