बालाघाट जिले के बिरसा थाना क्षेत्र में एक गोवंश व्यापारी से हुई लूट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना 13 नवंबर को सालेटेकरी-लांजी रोड पर चाकू की नोक पर हुई थी। छत्तीसगढ़ के भाटापारा बलौदाबाजार अंतर्गत सिमगा थाना क्षेत्र के चौरेंगा निवासी दीनु वासुदेव ने बिरसा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों ने उनसे नकदी, मोबाइल और दो महंगी भैंसें लूट ली थीं, जिन्हें बाद में जंगल में खदेड़ दिया गया था। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने एक माह बाद इस वारदात में शामिल दो आदतन अपराधी मनोज जंघेल और अनिल उर्फ अनेक नागेश्वर को पकड़ा है। आरोपियों के पास से लूटी गई नकदी और घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन बरामद किया गया है। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के आरोपी लूट में शामिल बिरसा थाना प्रभारी रेवलसिंह बरडे ने बताया कि इस लूट की वारदात को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अन्य साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया गया था। मनोज जंघेल रायपुर के गुडियारी थाना अंतर्गत रामनगर का निवासी है, जबकि अनिल उर्फ अनेक नागेश्वर जिले के लांजी थाना अंतर्गत चिचटोला का रहने वाला है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। मनोज पर पहले से 5 और अनिल पर 9 गंभीर अपराध दर्ज हैं, जिनमें लूट, मारपीट, बलवा, अवैध वसूली और गोवंश संबंधी मामले शामिल हैं। पुलिस फिलहाल पकड़े गए आरोपियों से और पूछताछ कर रही है, साथ ही फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस पूरी कार्रवाई में उनि. धनसिंह धुर्वे, आरक्षक विकास श्रीवास्तव, संपत उइके, रामसिंह अहाके, भरत परते और विनोद भलावी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


