बुधवार को रीवा जिले के गोविंदगढ़ क्षेत्र में तालाब के पानी में एक तेंदुए का शव उतराता हुआ दिखाई दिया। सुबह तालाब की ओर गए ग्रामीणों ने पानी की सतह पर तेंदुए का शव देखा, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने बिना देर किए इस घटना की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तालाब के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई। इसके बाद वनकर्मियों ने तालाब में उतरकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए के शव को तालाब से बाहर निकाला गया। शव बाहर निकलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया। तेंदुए के शरीर पर मिले चोट के निशान
वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही प्राथमिक निरीक्षण किया। जांच के दौरान तेंदुए के शरीर पर किसी भी प्रकार के चोट या संघर्ष के निशान नहीं पाए गए। इसके बाद तेंदुए के शव को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए मुकुंदपुर टाइगर सफारी भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। वन विभाग के अनुसार, मृत तेंदुए की उम्र करीब 4 से 5 साल के बीच आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में बाहरी चोट के निशान नहीं मिलने के कारण मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। इसी वजह से तेंदुए का बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद होगी मौत की पुष्टि वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तेंदुआ पानी में गिरने या किसी आंतरिक कारण से मौत का शिकार हुआ होगा, हालांकि इसकी पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी। घटना के बाद से गोविंदगढ़ क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे तालाबों और जंगल से सटे इलाकों में सतर्क रहें और किसी भी वन्यजीव की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है।


