ग्रहण के बाद रंगोत्सव, चिरहुलानाथ मंदिर में खेली होली:रीवा में हनुमानजी को अर्पित किया अबीर-गुलाल, भजन-कीर्तन से गूंजा मंदिर परिसर

ग्रहण के कारण मंगलवार को रंगोत्सव नहीं मनाए जाने के बाद रीवा में बुधवार को होली पूरे उल्लास, आस्था और परंपरा के साथ मनाई गई। शहर के प्रसिद्ध चिरहुलानाथ हनुमान मंदिर में तड़के भोर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने भगवान चिरहुलानाथ हनुमान को अबीर-गुलाल अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ और ‘हनुमान जी की जय’ के जयकारों से गूंज उठा। पुजारियों ने विधि-विधान से भगवान को रंग अर्पित किए, जिसके बाद भक्तों ने बारी-बारी से दर्शन कर गुलाल लगाया। ग्रहण के बाद दिखा दोगुना उत्साह ग्रहण के चलते एक दिन देरी से मनाई गई होली के कारण श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही ढोल-नगाड़ों की थाप, भजन-कीर्तन और पारंपरिक होली गीतों से मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। शहर के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी होली की रौनक दिखाई दी। गली-मोहल्लों में बच्चे, युवा और बुजुर्ग एक-दूसरे को रंग लगाकर पर्व की शुभकामनाएं देते नजर आए। कहीं फाग गीतों की महफिल सजी तो कहीं डीजे की धुन पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रमुख चौराहों और मंदिर परिसर के आसपास पुलिस बल तैनात रहा। आस्था, परंपरा और उमंग के इस संगम ने रीवा में होली के रंगों को और भी खास बना दिया।

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