भास्कर न्यूज | जनकपुर ग्राम पंचायत सेमरिया में 548 ग्रामीणों को मार्च महीने का राशन अब तक नहीं मिला है। ग्रामीणों का आरोप है कि विक्रेता जगजीत सिंह ने चावल के बदले ईंट, पत्थर और भूसे से वजन करवा घर-घर जाकर हितग्राहियों से अंगूठा लगवाया और बाद में चावल देने से मुकर गया। ग्रामीणों ने इस संबंध में 30 मई को भरतपुर एसडीएम से लिखित शिकायत की थी, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। 8 जून को सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा होकर फिर से राशन दुकान पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। इंद्रभान सिंह, रामकली, रवि प्रताप सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि विक्रेता ने उन्हें यह कहकर बहलाया कि अगले महीने चावल समायोजित कर दिया जाएगा। विक्रेता पर पहले भी अनियमितता के चलते 27 फरवरी को नोटिस जारी किया गया था और दुकान का अस्थाई आवंटन महामाया स्वयं सहायता समूह को किया था। इसके बावजूद मार्च में विक्रेता ने फिर से ग्रामीणों से अंगूठा लगवाया और चावल नहीं दिया। दुकान संचालक से सब परेशान, कई बार शिकायत की सरपंच लालजीत सिंह ने भी विक्रेता की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं विक्रेता का कहना है कि चावल बैलेंस नहीं होने के कारण वितरण नहीं हो पा रहा है। खाद्य निरीक्षक प्रवीण मिश्रा ने जांच पूरी कर रिपोर्ट एसडीएम को सौंपने की पुष्टि की है। वहीं ग्रामीणों में राशन दुकान संचालक को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।


