भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा नकुलनार क्षेत्र में ठेकेदार सुमित भदौरिया के खिलाफ आदिवासी मजदूरों के शोषण और दुर्व्यवहार को लेकर ग्रामीणों में रैली निकाली। ग्रामीणों का आरोप है पंचायत कार्यों में मजदूरी कराने के बावजूद आज तक मजदूरों को उनका मेहनताना नहीं दिया गया है। नीलावाया व अरबे सहित अन्य क्षेत्रों में पंचायत से संबंधित कार्य कराए गए। इन कार्यों में आदिवासी मजदूरों से लगभग 557 फर्मा, गिट्टी ढुलाई 700 से 760 रुपये की दर से काम कराया गया, लेकिन लगभग 11 वर्ष बीत जाने के बावजूद किसी भी मजदूर को भुगतान नहीं किया गया। इसके अलावा लगभग 100 से अधिक ट्रॉली ढुलाई का पैसा भी अब तक बकाया बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब मजदूर अपनी मेहनत की मजदूरी मांगने जाते हैं घर से भगा दिया जाता है। इस व्यवहार से आदिवासी मजदूरों में गहरा आक्रोश और असंतोष है। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को ग्राउंड से एक सभा की शुरुआत की गई, जो महाराणा प्रताप चौक तक पहुँची। वहां सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीणों व मजदूरों को संबोधित किया। इसके पश्चात तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सभी बकाया मजदूरी का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की गई। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को स्पष्ट बताया गया कि यदि जल्द से जल्द सभी आदिवासी मजदूरों को उनका पूरा भुगतान नहीं किया गया, तो ग्रामीण और सामाजिक संगठन आगे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। रैली में छविंद्र कर्मा, भीमसेन मंडावी, शंकर कुंजाम, नंदा कुंजाम जैसे आदिवासी नेता मौजूद रहे।


