ग्रामीणों ने पैसा जुटाकर जर्जर स्कूल की मरम्मत की:कांकेर में प्रशासन पर अनदेखी का आरोप; बच्चों की पढ़ाई के लिए खुद आगे आए

कांकेर जिले के ग्राम पंचायत सूरेली के आश्रित ग्राम कोलयारी में ग्रामीणों ने प्रशासन की अनदेखी से परेशान होकर प्राथमिक शाला के जर्जर भवन की मरम्मत का कार्य खुद शुरू कर दिया है। लंबे समय से मरम्मत की मांग अनसुनी किए जाने के बाद, ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर यह पहल की है। ग्रामीणों के अनुसार, 15 अप्रैल को आए आंधी-तूफान से प्राथमिक शाला का भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। छत उड़ जाने के कारण तब से नौनिहाल विद्यार्थी तिरपाल के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर थे, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने तकरीबन 45 हजार का राशि जमा की और स्कूल बनवाने लगे। प्रशासन की उपेक्षा से ग्रामीण नाराज ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर, स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को स्कूल की मरम्मत के लिए कई बार लिखित आवेदन दिए थे। हालांकि, किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि द्वारा कार्य स्वीकृत नहीं किया गया, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ रहा था। प्रशासन की इस उपेक्षा से नाराज होकर, ग्रामीणों ने हाल ही में आयोजित विशेष ग्राम सभा का सामूहिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया। इस बैठक में उपस्थित सभी ग्रामवासियों ने सर्वसम्मति से स्कूल की छत की तत्काल मरम्मत की मांग को दोहराया। जब प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं दिखी, तो ग्रामीणों ने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए स्वयं सहायता कोष बनाने का फैसला किया। गांव के हर घर से चंदा एकत्र किया गया, जिससे लगभग 45,000 रुपए की राशि जमा हो गई। ग्रामीणों ने घोषणा की है कि इस एकत्रित राशि से स्कूल की अस्थायी मरम्मत कराई जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों की पढ़ाई बिना किसी व्यवधान के जारी रह सके। पूरे क्षेत्र में हो रही सराहना, दी आंदोलन की चेतावनी कोलयारी के ग्रामीणों की शिक्षा के प्रति इस अनुकरणीय पहल की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि शिक्षा को सर्वोपरि मानने वाले ग्रामीण अपने बच्चों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह पहल केवल एक अस्थायी समाधान है। यदि प्रशासन ने जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला और स्कूल भवन की व्यवस्थित मरम्मत नहीं कराई, तो वे बड़े और व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस सामूहिक पहल में सरपंच कृष्ण कुमार हुपेंडी, पुनीता उसेंडी, प्रदीप जैन, राजेश त्रिपाठी, वंदेश्वरी कवाड़े, सम्पत नेताम, मंगलदायी जैन, ललित दरों, पतिराम उसेंडी, प्रकाश जैन, जेठाराम, मालती जैन सहित समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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