बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर में जटादह जलाशय के पास जंगलों में बड़े पैमाने पर साल (सरई) के पेड़ों की अवैध कटाई का आरोप है। कटाई का यह क्षेत्र नवाडीह–डिंडो मुख्य सड़क से महज 100 से 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। मामला ग्राम पंचायत बसेरा खुर्द का है। ग्रामीणों का आरोप है कि धमनी रेंज के अंतर्गत आने वाले इस जंगल क्षेत्र में 50 से अधिक सरई के पेड़ काटे जा चुके हैं। यह इलाका दुर्गम नहीं है और वन विभाग के कर्मचारियों की नियमित गश्त के दायरे में आता है। इसके बावजूद लंबे समय से संगठित रूप से पेड़ों की कटाई की जा रही थी। यह भी आरोप है कि आरा और पेड़ काटने वाली मशीनों का भी खुलेआम उपयोग किया गया। लेकिन जिम्मेदार विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी या जानबूझकर अनदेखी की गई। वहीं, रेंजर का कहना है कि मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध जटादह जलाशय जटादह जलाशय अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के लिए जाना जाता है। नए वर्ष के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में पर्यटक और पिकनिक मनाने वाले लोग पहुंचते हैं। बीते दिनों भी सैकड़ों की संख्या में लोग यहां आए थे, जिन्होंने जंगल में कटे हुए पेड़ों को देखा और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। लगातार कटाई से बिगड़ रहा प्राकृतिक संतुलन स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि लगातार हो रही जंगल कटाई से क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता नष्ट हो रही है और जंगल धीरे-धीरे वीरान होते जा रहे हैं। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले वर्षों में यह इलाका अपनी पहचान खो सकता है। ग्रामीणों की मांग – पर्यटन स्थल के रूप में संरक्षण हो ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग इस क्षेत्र को सुरक्षित कर इसे एक विकसित पर्यटक स्थल के रूप में संरक्षित करे और अवैध कटाई पर रोक लगाए। धमनी रेंज के रेंजर अजय वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके की जांच के लिए वन अमला भेजा जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के बाद दोषियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


