डिंडौरी के समनापुर विकास खंड के चांदरानी गांव स्थित जगोले टोला प्राथमिक पाठशाला में 2002 से पदस्थ एक शिक्षक को सामान्य ज्ञान की जानकारी नहीं है। ग्रामीणों ने स्कूल में अव्यवस्थाओं और पढ़ाई के स्तर को लेकर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। अब सर्व शिक्षा अभियान की परियोजना समन्वयक ने मामले की जांच करवाने की बात कही है। अटेंडेंस लगाकर गांव में घूमने का आरोप ग्रामीण रोहिणी प्रसाद ने बताया कि शिक्षक शंकर सिंह राजपूत 25 नवंबर 2002 को गुरुजी के पद पर नियुक्त हुए थे। तब से यहीं पदस्थ हैं। स्कूल में लगभग 20 छात्र नामांकित हैं। स्कूल में पढ़ाने के लिए केवल दो ही शिक्षकों शिक्षक बलराम धुर्वे और शिक्षक शंकर सिंह राजपूत को रखा गया है। आरोप है कि शिक्षक शंकर सिंह राजपूत उपस्थिति दर्ज कर अधिकतर समय गांव में घूमते रहते हैं और बच्चों को नहीं पढ़ाते। उनसे जिले के अधिकारियों का नाम पूछने पर भी वे जानकारी नहीं दे पाए। घर से भोजन बनाकर लाती थी रसोईया अभिभावक सोन कुमार अहिरवार ने बताया कि शिक्षक न तो मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच करते हैं और न ही स्कूल संबंधी जानकारी साझा करते हैं। मध्याह्न भोजन पकाने के लिए गैस चूल्हा भी गायब है, जिसके कारण रसोइया घर से भोजन बनाकर लाती है। परियोजना समन्वयक बोलीं-टीम भेजकर कराएंगे मामले की जांच जनशिक्षक संजय कुमार सैयाम ने बताया कि शिकायत मिलने पर उन्होंने भी स्कूल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान शिक्षक शंकर सिंह राजपूत उपस्थिति दर्ज कर बिना सूचना दिए घर चले गए थे। सैयाम ने इसका पंचनामा बनाकर बीईओ कार्यालय में जमा कर दिया है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई अधिकारियों को करनी है। इस संबंध में परियोजना समन्वयक श्वेता अग्रवाल का कहना है कि वे जल्द ही एक टीम भेजकर पूरे मामले की जांच करवाएंगी।


