राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल के तहत ग्राम उत्थान शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से हजारों ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला, जिससे ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है। देलवाड़ा, ब्यावर खास, बर, जैतारण, खीमपुरा और बामन खेड़ा जैसे गांवों में एक दिवसीय शिविर आयोजित हुए, जिनमें ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। इन शिविरों में 37 जनप्रतिनिधियों और 136 विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कुल 6,976 ग्रामीणों ने इन शिविरों में सहभागिता की, जहां उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और उनका प्रत्यक्ष लाभ उठाया। शिविरों के दौरान कई प्रमुख सेवाएं प्रदान की गईं। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 54 पंजीकरण किए गए। पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1,645 पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा और कृमिनाशक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। सहकारी क्षेत्र में 793 ग्रामीणों को ऋण योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त 2,151 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए। VB-GRAM-G अभियान का भी 5,463 ग्रामीणों तक व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। कृषि क्षेत्र में किसानों ने विभिन्न योजनाओं में विशेष रुचि दिखाई। तारबंदी योजना के लिए 2,322 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि फार्म पॉण्ड योजना के लिए 602 और बैलों से खेती योजना के लिए 738 आवेदन किए गए। इसके अलावा 2,594 किसानों को फसल बीमा और 2,500 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के बारे में जानकारी प्रदान की गई। 163 किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए, 825 मामलों में मिनी किट वितरण का सत्यापन हुआ, और सोलर पंप योजना के लिए 14 आवेदन तैयार किए गए। इन ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और अन्य ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा, सरल और त्वरित लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ आमजन की समस्याओं के समाधान का एक सशक्त माध्यम बन रही है।


