बूंदी सरपंच संघ ने मंगलवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें ग्राम पंचायतों को लंबित वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और ग्राम विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग की गई। संघ ने कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को 7 सूत्रीय मांग पत्र भेजा है। ज्ञापन में राज्य वित्त आयोग की 5400 करोड़ रुपए और केंद्रीय वित्त आयोग की 3000 करोड़ रुपए की बकाया राशि सीधे ग्राम पंचायतों के खातों में भेजने की मांग की गई। इससे गांवों में विकास कार्य जारी रह सकेंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को लंबित किस्तों का भुगतान कर अधूरे आवास पूरे कराने की मांग भी शामिल है। संघ ने गैर आबादी भूमि पर बसी बस्तियों में हैंडपंप लगाने की अनुमति देने की भी मांग की। इसके साथ ही गैर आबादी क्षेत्र के आम रास्तों पर बसी आबादी के लिए सीसी और इंटरलॉकिंग सड़कें बनाने की स्वीकृति देने की बात कही गई। आपदा राहत के तहत पूरे हो चुके कार्यों का भुगतान भी जल्द जारी करने की मांग की गई। नरेगा के तहत पूरे हो चुके ग्रेवल और पक्के कार्यों का भुगतान लंबित होने पर सरपंचों ने आपत्ति जताई। उन्होंने बाजड़, सारसला, ओवण और बसोली सहित कई ग्राम पंचायतों का उदाहरण देते हुए शीघ्र भुगतान की मांग की। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रामगंज, नानकपुरिया, दोलाड़ा और हट्टीपुरा गांवों को नगर परिषद में शामिल करने के बाद लाभार्थियों की बाकी किस्तें रोक दी गई थीं। संघ ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी किस्तें जारी करने की मांग की। सरपंच संघ ने कलेक्टर से आग्रह किया कि ग्राम विकास की गति बनाए रखने के लिए इन सभी मांगों पर प्राथमिकता से विचार कर उनका शीघ्र निराकरण किया जाए।


