ग्रीष्म ऋतु में प्यासा ना रह जाए बालाघाट शहर:वैनगंगा नदी का जलस्तर हो रहा कम; नहीं बना स्टॉपडैम, सीएमओ बोले- टेंडर किए जारी

बालाघाट नगर के लिए वैनगंगा नदी जीवनदायिनी है। जो अपने जल से बालाघाट नगर की प्यास बुझाती है। लेकिन नदी के घटते जलस्तर को देखते हुए, जल्द ही पानी रोकने के उपाय नहीं किए गए तो शहर गर्मी में प्यासा रह सकता है। प्रतिवर्ष नगरपालिका ग्रीष्म ऋतु में पेयजल के लिए वैनगंगा नदी में स्टॉपडैम का निर्माण करती है। ताकि नदी के पानी को रोककर, पेयजल आपूर्ति को निर्बाध रूप से चला सके। लेकिन इस वर्ष वैनगंगा नदी का जलस्तर दिसंबर में ही काफी नीचे आ गया है। जो पानी, नदी में दिखाई दे रहा है, वह भी बह रहा है। जिससे यदि इसे जल्द नहीं रोका गया तो निश्चित ही, वैनगंगा नदी से जलापूर्ति पर आश्रित नगरपालिका को ग्रीष्म ऋतु में नगरवासियों को पेयजल उपलब्ध करवाने में कठिनाई तो होगी ही, वहीं पेयजल को लेकर उसे लोगों के रोष का सामना भी करना पड़ सकता है। गर्मी में ना केवल पेजयल की आपूर्ति बढ़ जाती है बल्कि घरों में कूलर लगने से पानी की खपत ज्यादा होती है। नगरपालिका के जलप्रदाय प्रभारी भूमेश्वर शिव बताते हैं कि आम दिनों में प्रति व्यक्ति को 135 लीटर पानी लगता है। जिससे प्रतिदिन नगर को 20 लाख मिलियन लीटर की आपूर्ति करनी होती है। यह आपूर्ति गर्मी में बढ़ जाती है। 6 टंकियों में इतनी है पानी की क्षमता नगरीय क्षेत्र में जलापूर्ति को निर्बाध रूप से चलाने के लिए 6 पानी की टंकियां है। जिसमें बूढ़ी टंकी 18 सौ केएल (प्रति केएल एक हजार लीटर), एमएलबी 18 सौ केएल, इतवारी बाजार साढ़े 8 सौ केएल, गायखुरी साढ़े 7 सौ केएल, बैहर रोड 11 सौ केएल और सरेखा की पानी टंकी की क्षमता साढ़े चार सौ केएल की है। जिसके माध्यम से नगरपालिका, नगरीय क्षेत्र में जलापूर्ति करती है, इसके अलावा शहरो में कई घरों में कूप भी है। जिसका उपयोग, परिवार के लोग, पानी आपूर्ति में करते हैं। टेंडर निकाल दिए नगरपालिका सीएमओ बीडी कतरोलिया बताते हैं कि, ग्रीष्म ऋतु में पेयजल आपूर्ति को लेकर नपा ने तैयारी शुरू कर दी है। वैनगंगा नदी में स्टॉपडेम के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। टेंडर होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

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