ग्रेटर नगर निगम मालवीय नगर और मुरलीपुरा जोन के बाद मानसरोवर जोन से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का चार्ज वसूलने की तैयारी कर रहा है। निगम ने नई कंपनी को कचरा संग्रहण और निस्तारण का ठेका दे दिया है, जो फरवरी माह से काम शुरू कर देगी। इसके बदले में कंपनी प्रति घर के हिसाब से 174 रुपए लेगी। इसमें से 94 रु. निगम कंपनी को देगी और 80 रु. कंपनी लोगों से वसूलेगी। मानसरोवर जोन में 21 वार्ड आते हैं। इनमें 80 हजार घरों से रोजाना 160 टन कचरा निकलता है। अभी नेचर ग्रीन टूर्ल्स एंड मशीन प्राइवेट लिमिटेड 38 लाख रुपए प्रतिमाह के हिसाब से कचरा संग्रहण कर रही है। अब रवि ट्रेवल्स कंपनी कचरा उठाएगी, जिसके लिए निगम 1 करोड़ 5 लाख रुपए हर माह देगा। खास बात ये है कि इस दौरान जोन में न तो वार्ड बढ़े और ना ही घर, लेकिन कचरा संग्रहण का खर्च ढाई गुना बढ़ गया। बता दें कि यही कंपनी सांगानेर और विद्याधर नगर में भी कचरा उठा रही है। पुरानी कंपनी निगम से हर माह 38 लाख रु. ले रही थी, नई 1 करोड़ 5 लाख रु. लेगी ग्रेटर निगम ने मानसरोवर जोन में नेचर ग्रीन टूर्ल्स एंड मशीन प्राइवेट लिमिटेड को पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-रिक्शा से कचरा उठाने का काम सौंपा था। इसके लिए गैराज शाखा में 50 चार्जिंग स्टेशन भी बनाए थे। कंपनी के ई-रिक्शा यहीं से चार्ज होकर 21 वार्डों का 2665 किमी लंबी सड़कों का फासला पार करती थी, इसीलिए हर माह का खर्च सिर्फ 38 लाख था और वसूली नहीं की जा रही थी। यह व्यवसथा सभी वार्डों में लागू होनी थी, लेकिन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ाया। यूजर चार्ज शुल्क पहले से तय, उसी हिसाब से ले रहे यूजर चार्ज शुल्क पहले से ही निर्धारित किया हुआ है। उसके आधार पर ही वसूल किया जाएगा। कंपनी काम संभवत: इस महीने के अंत में या फरवरी से शुरू कर देंगी। सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। केवल वर्क ऑर्डर जारी करना बाकी रह गया है। -नितिन, सुपरिटेडेंट इंजी., प्रोजेक्ट बिजली बिल में 50 से 100 रुपए नगरीय उपकर अलग से बता दें कि जयपुर विद्युत वितरण निगम बिजली के बिल में नगरीय उपकर के रूप में पहले से 50 से 100 रुपए तक वसूल रही है। यह चार्ज स्ट्रीट लाइट और सीवर और सफाई के नाम पर लिया जाता है। मानसरोवर दूसरा बड़ा जोन निगम की बीडीएस रिपोर्ट के अनुसार मानसरोवर के 21 वार्डों का दायरा 2665 किमी का है, जो झोटवाड़ा जोन के बाद दूसरे नंबर पर है। झोटवाड़ा में सड़कों का दायरा 3167 किमी है। मानसरोवर जोन की सफाई का गणित यू समझें; पहले; छोटे ई-हूपर से कचरा संग्रहण का काम 3 जुलाई 2023 से शुरू किया था। इसके लिए गैराज में 50 चार्जिंग स्टेशन लगाए थे।450 किलो क्षमता है। 76 ई-हूपर छोटी-छोटी गलियों में चार चक्कर लगाते थे। अब; 62 बड़े हूपरों से कचरा संग्रहण किया जाएगा। हालांकि छोटी गलियों में संग्रहण कैसे करेंगे, यह देखने वाली बात होगी। 900 किलो क्षमता होगी।


