ग्वालियर पुलिस को 9 साल के ‘छोटू’ की तलाश:’कड़िया सांसी’ गांव में दी जाती है चोरी की ट्रेनिंग, दो लाख में ठेके पर दिया था बच्चा

मध्य प्रदेश के राजगढ़ ब्यावरा का एक गांव ‘कड़िया सांसी’ यहां छह से सात साल का बच्चा भी चोरी करने में माहिर है। सांसी गैंग देश के बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित कई गांव में चोरी की वारदात कर चुके हैं। सांसी समुदाय के लोग शादियों में चोरी करने में माहिर हैं। यह एकजुट होकर रहते हैं, यही कारण है कि यहां पुलिस को घुसने में भी डर लगता है। इसी गांव का एक 9 साल के बालक ‘छोटू’ की तलाश पुलिस को है।
इस छोटू को सांसी गैंग का सरगना शिवा सिसोदिया (सांसी) ग्वालियर में चोरी के लिए लेकर आया था। गैंग के एक सदस्य को पिछले सप्ताह पुलिस ने पकड़कर मामले का खुलासा भी किया है। जिससे खुलासा हुआ था कि छोटू को उसके पिता ने शादियों में चोरी की ट्रेनिंग दी थी। इसके बाद 2 लाख रुपए सलाना पर शिवा की गैंग को ठेका पर दिया था। छोटू एक बच्चा है, जबकि गांव के बच्चों को इसी तरह तैयार कर अन्य शहर व राज्यों में वारदात के लिए भेजा जाता है। दो लाख रुपए सालाना और हर चोरी पर 10 फीसदी कमीशन
पुलिस जांच में सामने आया है कि कड़िया सांसी गैंग बच्चों से भी चोरी कराती थी। पुलिस ने पिछले सप्ताह मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा क्षेत्र के बोडा कस्बे से कड़िया सांसी गैंग के एक सदस्य संतोष सिसोदिया (सांसी) को गिरफ्तार किया था। आरोपी के पास से 7.80 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। तीन दिन की पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि अभिनंदन वाटिका से 11 लाख रुपए की चोरी एक 9 साल के बच्चे ‘छोटू’ ने की थी। आरोपी के मुताबिक, छोटू चोरी करने में माहिर है और उसे छह साल की उम्र से ही उसके पिता ने शादियों में चोरी की ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया था। ट्रेनिंग के बाद बच्चे को कड़िया सांसी गांव के शिवा सिसोदिया (सांसी) की गैंग को दो लाख रुपए प्रति वर्ष के ठेके पर सौंप दिया गया। इसके अलावा, हर चोरी में बच्चे के हिस्से के रूप में 10 फीसदी कमीशन तय किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस खुलासे के बाद न सिर्फ गैंग की गतिविधियों बल्कि बच्चों को अपराध में झोंकने के पूरे नेटवर्क की गंभीरता से जांच की जा रही है। शादियों में चोरी से लेकर पकड़े जाने पर बचाव तक की ट्रेनिंग
पुलिस जांच में सामने आया है कि कड़िया सांसी गैंग में शामिल गांव के बच्चों को शादियों में चोरी करने की पूरी और व्यवस्थित ट्रेनिंग दी जाती थी। गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि यह बच्चा चोरी करने में माहिर है। उसे सिखाया गया था कि मेहमान बनकर शादियों के पंडाल में कैसे घुसना है, किन जगहों पर हाथ की सफाई दिखाई जा सकती है और किस तरह टारगेट चुनना है। इतना ही नहीं, गैंग बच्चों को यह भी प्रशिक्षण देती थी कि अगर चोरी के दौरान पकड़े जाएं तो लोगों और पुलिस के सामने कैसा व्यवहार करना है। बचाव के तरीकों के तहत बच्चों को समझाया जाता था कि वे खामोश रहें, क्योंकि नाबालिग होने के कारण पुलिस उन पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल नहीं कर सकती।आरोपी के अनुसार, बच्चों को यह भी सिखाया गया था कि यदि पुलिस सख्ती करे या हाथ उठाए तो तबीयत खराब होने का नाटक करें, ताकि दबाव बनाया जा सके। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को गंभीर मानते हुए जांच में जुटी है और बच्चों को अपराध में झोंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। सालभर चोरी कर एक जगह छिपाते हैं पैसा
अभिनंदन वाटिका में 11 लाख रुपए की चोरी के मामले में गिरफ्तार संतोष सांसी ने पूछताछ में बताया कि उसका दामाद बंटी सांसी, निवासी लक्ष्मीपुरा थाना छबड़ा, जिला बारां (राजस्थान) है। बंटी का भाई शिवा सिसोदिया उर्फ मटरू सिसोदिया (सांसी) गांव के एक छोटे बच्चे के साथ मिलकर ग्वालियर के शादी गार्डन से 11 लाख रुपए चोरी कर चुका है। संतोष के मुताबिक, चोरी के बाद शिवा ने 7 लाख 80 हजार रुपए उसे छिपाकर रखने के लिए पॉलीथिन में दिए थे। बाद में पैसे वापस लेने के लिए शिवा ने उसे बोडा हनुमान मंदिर के पास बुलाया, जहां पुलिस ने संतोष को पकड़ लिया। आरोपी ने यह भी बताया कि शिवा की गैंग में कई बच्चे शामिल हैं, जिन्हें ठेके पर लिया गया है। यह गैंग पूरे शादी सीजन में चोरी करती है, सारा माल एक जगह इकट्ठा किया जाता है और सीजन के अंत में बंटवारा होता है। CCTV फुटेज से हुई मास्टरमाइंड शिवा की पहचान
28 नवंबर को ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र स्थित अभिनंदन वाटिका में रिटायर्ड बीएसएफ अधिकारी के बेटे के लगुन-फलदान कार्यक्रम के दौरान 11 लाख रुपए चोरी हो गए थे। वारदात के बाद पुलिस ने मैरिज गार्डन के CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें 8 से 9 साल का एक बच्चा और एक युवक चोरी करते व रैकी करते नजर आए। पुलिस को पहले से जानकारी थी कि शादियों में चोरी करने वाली गैंग राजगढ़ जिले के तीन गांवों से जुड़ी है। जब CCTV फुटेज वायरल किए गए तो युवक की पहचान शातिर चोर शिवा सिसोदिया (सांसी) के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि शिवा हाल ही में कड़िया सांसी गांव में गैंग बना चुका है, जिसमें 2 से 3 बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस जब शिवा तक पहुंची तो वह फरार मिला, लेकिन उसका पैसा ठिकाने लगाने वाला संतोष सांसी पकड़ा गया। राजस्थान से आकर राजगढ़ में बसे, बनाई चोरी की गैंग
पुलिस के अनुसार, राजगढ़ जिले के ब्यावरा-बोडा क्षेत्र के कड़िया सांसी गांव में बसे सांसी समुदाय के लोग मूल रूप से राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा क्षेत्र के निवासी हैं। पलायन कर यहां बसने के बाद उन्होंने संगठित गिरोह बनाए।जानकारी के मुताबिक, गांव में कई चोरी गैंग सक्रिय हैं, जिनमें बच्चों को भी शामिल किया जाता है। कड़िया सांसी गांव में कई चोर गिरोह और अवैध शराब का कारोबार भी सक्रिय है। हालात ऐसे हैं कि पुलिस सीधे गांव में दबिश नहीं देती। कार्रवाई से पहले पूरी प्लानिंग और घेराबंदी की जाती है। ऐसे समझिए पूरा मामला ग्वालियर के गोला का मंदिर, पिंटो पार्क सैनिक कॉलोनी निवासी भुवनेश सिंह तोमर, बीएसएफ से रिटायर्ड अधिकारी हैं। 28 नवंबर की रात उनके बेटे का लगुन-फलदान कार्यक्रम अभिनंदन वाटिका, भिंड रोड पर आयोजित था। कार्यक्रम में समधी पक्ष ने 11 लाख रुपए नकद दिए, जो भुवनेश के पिता गजेंद्र सिंह तोमर को सौंपे गए। उन्होंने रकम से भरा बैग मैरिज गार्डन के एक कमरे में रजाई-गद्दे के नीचे रखकर बाहर से ताला लगा दिया। रात करीब एक बजे जब वे बैग लेने पहुंचे तो कमरे का ताला लगा था, लेकिन खिड़की खुली मिली। अंदर बैग गायब था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। डीएसपी क्राइम व सीएसपी नागेन्द्र सिंह सिकरवार ने बताया कि अभिनंदन वाटिका में 11 लाख रुपए कैश चोरी का खुलासा कर दिया है। कड़िया सांसी गैंग के एक सदस्य को पकड़कर काफी हद तक कैश बरामद हो गया है। शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है। यह गैंग शादियों में चोरी करने में माहिर है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *