डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाने और आपत्तिजनक नारेबाजी के मामले को लेकर ग्वालियर में शुक्रवार को जबरदस्त विरोध देखने को मिला। भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी सहित विभिन्न दलित संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर करीब ढाई घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को नाकाफी बताते हुए मुख्य आरोपी एडवोकेट अनिल मिश्रा पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने चेतावनी दी कि जब तक ठोस कार्रवाई और सख्त आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ढाई घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम सीबी प्रसाद को ज्ञापन सौंपा। प्रशासन की ओर से कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद धरना समाप्त किया गया। इधर, पुलिस ने इस मामले में हिरासत में लिए गए एडवोकेट अनिल मिश्रा सहित चार आरोपियों को पुरानी छावनी थाना से जिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से अधिवक्ता अनिल मिश्रा और उनके तीनों साथियों को जेल भेज दिया गया। कोर्ट के फैसले के बाद परिसर का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। अनिल मिश्रा के समर्थकों ने बाहर भीमराव अंबेडकर और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे स्थिति कुछ देर के लिए गर्मा गई। इस दौरान अनिल मिश्रा ने बयान देते हुए कहा कि उन्होंने जो किया और जो कहा वह सही है, और वह भविष्य में भी वही कदम उठाने के लिए तैयार हैं, चाहे कोर्ट उन्हें कोई भी सजा क्यों न दे। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई शनिवार को होगी। इधर, अदालत परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं इससे पहले अंबेडकर समर्थकों ने एसपी ऑफिस में हंगामा किया और पुलिस के रोकने के बावजूद गेट को धक्का देकर अंदर घुस गए। वकील समेत 7 लोगों पर दर्ज है एफआईआर
गौरतलब है कि गुरुवार रात डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाने और अपमानजनक नारे लगाने के मामले में साइबर सेल थाना ग्वालियर में एडवोकेट अनिल मिश्रा समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, अनिल मिश्रा को गुरुवार रात उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वे मुरैना में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। एसडीएम बोले— धाराएं बढ़ाने का फैसला कोर्ट करेगी
एसडीएम सीबी प्रसाद ने कहा कि पोस्टर जलाने की घटना के विरोध में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे थे और उन्होंने ज्ञापन सौंपा है। एसपी के आदेश पर पुलिस पहले से ही कार्रवाई कर रही है और चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। धाराएं बढ़ाने का निर्णय कोर्ट करेगा। एनएसए लगाने की प्रक्रिया लंबी होती है, इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट को अपीलीय बोर्ड में प्रतिवेदन भेजना पड़ता है। फरियादी का आरोप
कोर्ट पहुंचे फरियादी मकरंद बौद्ध ने कहा कि समाज में कुछ लोग जातिवादी और आतंकवादी प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। तस्वीरों में देखें विरोध प्रदर्शन प्रदर्शन से जुड़े मिनट टु मिनट अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…


