ग्वालियर में अंबेडकर पोस्टर विवाद, स्पेशल बेंच में सुनवाई आज:एडवोकेट मिश्रा को जेल के अस्तपताल में रखा, PMT बैरक में हैं 3 आरोपी

ग्वालियर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर पोस्टर जलाने के विवाद में गिरफ्तार एडवोकेट अनिल मिश्रा व उनके तीन साथियों की जमानत याचिका पर रविवार को स्पेशल बेंच में सुनवाई होगी और फैसला होगा। शुक्रवार को कोर्ट से जमानत नहीं मिलने पर चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। तीन आरोपियों को ग्वालियर सेंट्रल जेल की PMT बैरक में रखा है, जबकि एडवोकेट अनिल मिश्रा को हेल्थ इश्यू के चलते जेल के अस्पताल में रखा है। शनिवार को हाईकोर्ट की विशेष युगल पीठ ने उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा की गिरफ्तारी को चुनौती दी है। कोर्ट ने अनिल मिश्रा का रिकॉर्ड पेश करने के लिए पुलिस को 24 घंटे का समय दिया है। रविवार को विशेष बेंच में फिर से सुनवाई होगी। जस्टिस जीएस अहलूवालिया व जस्टिस आशीष श्रोती की बेंच ने याचिका की सुनवाई की। दरअसल, ग्वालियर में बुधवार को एसपी ऑफिस के सामने डॉ. भीमराव अंबेडकर का पोस्टर जलाया गया था। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। वीडियो के बाद महेंद्र बौद्ध सहित अन्य ने एसएसपी ग्वालियर के सामने शिकायत की थी। साथ ही संविधान निर्माता का पोस्टर जलाने पर दलित समाज के आहत होने का आरोप लगाया था। जिसके बाद ग्वालियर क्राइम ब्रांच में एडवोकेट अनिल मिश्रा सहित 7 लोगों पर मामला दर्ज किया था। मामले में गुरुवार शाम एडवोकेट अनिल मिश्रा के मुरैना जाते समय पुरानी छावनी में उनको गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में काफी हंगामा हुआ था। दिन भर एसएसपी ऑफिस, कलेक्ट्रेट में हंगामा चला था। पुलिस ने शुक्रवार को एडवोकेट अनिल मिश्रा को कोर्ट में पेश किया था पर जमानत नहीं मिल पाई थी। गिरफ्तारी के खिलाफ दायर की याचिका
इस मामले में एडवोकेट अनिल मिश्रा ने हाईकोर्ट में गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजीव शर्मा ने तर्क दिया कि पुलिस ने अनिल मिश्रा को गुरुवार शाम 7 बजे थाने में बिठा लिया था। शाम 7:56 बजे FIR दर्ज कर गिरफ्तारी दिखाई है। 7 साल से कम सजा के अपराध में नोटिस देकर पुलिस को बुलाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। अवैध रूप से हिरासत में लिया है। इसको लेकर कोर्ट में महाधिवक्ता स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के लिए 10 दिन का समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने सिर्फ 24 घंटे का समय दिया है। रविवार को स्पेशल बेंच करेगी याचिका पर सुनवाई
शनिवार को हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलने पर अब रविवार को फिर इस मामले में सुनवाई हाईकोर्ट की स्पेशल बेंच में होगी। हालांकि एडवोकेट अनिल मिश्रा गिरफ्तार हो चुके हैं। इस परिस्थिति में सुप्रीम कोर्ट का अर्नेस कुमार का जजमेंट लागू नहीं होगा। यही कारण है कि याचिका में बदलाव किया है। सेंट्रल जेल के अस्पताल में है मिश्रा
पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें एडवोकेट अनिल मिश्रा हैं। जो बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष भी हैं। उनके साथ गिरफ्तार किए गए तीन साथियों को सेंट्रल जेल में पीएमटी बैरक में रखा है, जबकि अनिल मिश्रा को जेल अस्पताल में रखा है। अनिल मिश्रा पहले ही दिन से स्वास्थ्य खराब की बात कह रहे हैं। पीएमटी बैरक का अस्तित्व उस समय सामने आया था जब व्यापमं कांड हुआ था और धड़ाधड़ मुन्नाबाई पकड़े गए थे। उस समय सेंट्रल जेल ग्वालियर में पीएमटी बैरक बनाया गया था।

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