ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में स्थित मध्य भारत खादी संघ द्वारा आयोजित दस्तकारी हाट एक्सपो का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। इस दौरान मुख्य रूप से विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर मौजूद रहे। लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से व्यापारी और हस्तशिल्पी अपने उत्पाद को लेकर यहां पहुंचे हैं। एक्सपो के शुभारंभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा मध्य भारत खादी संघ जो संस्था है वह खादी उद्योग के क्षेत्र में काफी अच्छा कार्य कर रही है। हर साल मेले के माध्यम से लोगों तक देश के अलग अलग हिस्सों की पहचान वहां का हस्तशिल्प पहुंचता है। इससे लोकल फॉर वोकल को भी बढ़ावा मिलता है। अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने बताया कि यह खादी एक्सपो “लोकल फॉर वोकल” की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। जिसमें लगभग 16 से 17 स्टेट से कारीगर, व्यापारी अपने उत्पादों को लेकर आए हैं। जो लोग बाहर नहीं जा पाते लेकिन वे इस मेले में लाभ ले सकते हैं, और वहां के उत्पादों से अपने घर को भी सुशोभित कर सकते हैं। लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने के लिए 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ ले सकें। एक्सपो में मिर्जापुर से आए फाजिल ने बताया कि वे यहां अपने यहां की मशहूर कालीन लेकर आए हैं। जिनकी शुरुआती कीमत 1200 है। उत्पाद की गुणवत्ता के अनुसार मूल्य तय है। उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह से हैंडमेड रहता है। एक कालीन को बनाने में लगभग 10 दिन लगते हैं। इसके अलावा खादी एक्सपो में एक से बढ़कर एक हैंडलूम और खादी उत्पाद उपलब्ध रहेंगे। इनमें खादी के कुर्ते, पैंट, शर्ट, भागलपुरी सिल्क, आकर्षक साड़ियां, गुजराती कढ़ाई के परिधान, जयपुरी ज्वैलरी, जीआई टैग प्राप्त पेपरमेशी कला आर्ट, चिकन वर्क तथा कश्मीरी कसीदाकारी से बने रेडीमेड कपड़े शामिल हैं। इसके अलावा घरेलू उपयोग के लिए शुद्ध और प्राकृतिक उत्पाद भी एक्सपो में आकर्षण का केंद्र रहे। खादी एक्सपो में कोलूघानी विधि से निर्मित सरसों तेल, मूंगफली तेल, नारियल तेल एवं तिल का तेल, साथ ही अगरबत्ती, विभिन्न प्रकार के मसाले, शहद और सौंदर्य प्रसाधन भी उपलब्ध हैं। ये सभी उत्पाद गुणवत्ता, शुद्धता और स्वदेशी पहचान के लिए जाने जाते हैं।


