ग्वालियर में सीजन की सबसे ठंडी रात:पहली बार रात का पारा 6.0 डिग्री पर; शहर साफ, दो दिन में बारिश की संभावना

ग्वालियर में शुक्रवार की रात इस सीजन की अब तक की सबसे ठंडी रात रही। पहली बार इस सीजन में रात का न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिससे हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ी। हालांकि, शहर में कोहरा नहीं था, लेकिन हाईवे पर घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता 200 से 300 मीटर तक सीमित रही। प्रदेश के चार प्रमुख महानगरों में ग्वालियर सबसे अधिक ठंडा शहर बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दो दिन बाद हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है। ग्वालियर में मौसम साफ रहने के कारण उत्तर की ओर से आने वाली बर्फीली हवा ने रात में ठंडक को और बढ़ा दिया है। दिन में धूप खिलने से दिन का तापमान दो दिन पहले जहां 15 से 16 डिग्री के बीच था, वही अब यह बढ़कर 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हालांकि, रात को कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही। इससे पहले, बुधवार-गुरुवार की रात भी तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। ठंड और कोहरे का दौर जारी ग्वालियर में मौसम में फिलहाल दिन के साफ रहने से रात की ठंडक बढ़ गई है। दिन में धूप से हल्की राहत मिली है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार 12 जनवरी के आसपास मावठ (बारिश) होने की संभावना जताई जा रही है। बारिश के बाद एक बार फिर दिन में भी हाड़ कंपा देने वाली ठंड का दौर शुरू हो सकता है। फसलों और सब्जियों को 30% नुकसान केंद्रीय कृषि मंत्रालय के कृषि मामलों की समिति के सदस्य, योगेश द्विवेदी ने बताया कि पाला पड़ने से दलहनी फसलों और सब्जियों को अब तक 30 प्रतिशत तक नुकसान हो चुका है। अगर अगले 2-3 दिन और ऐसी ठंड रही, तो यह आंकड़ा 55 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हाईवे पर घना कोहरा शुक्रवार सुबह ग्वालियर शहर में आसमान साफ था और कोहरा भी बहुत मामूली था, लेकिन सुबह 9 बजे भिंड रोड हाईवे पर घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता 200 से 300 मीटर तक सीमित रही और यहां वाहनों को रेंगते हुए गुजरना पड़ा।

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