लंबे समय से दलालों के चंगुल में फंसी व्यापार मेले की दुकानों का आवंटन अब व्यापारी अपने नाम से करा सकते हैं। इसके लिए व्यापारी को यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने दुकान ब्लैक में खरीदी है। जिला प्रशासन और मेला प्राधिकरण के अधिकारी सोमवार से मेले की सभी दुकानों का फिजिकल वेरीफिकेशन करेंगे। जो व्यापारी यह स्वीकार करेंगे कि उन्होंने दुकान ब्लैक में खरीदी है, उनके नाम पर ही दुकान आवंटित कर दी जाएगी। व्यापारी से शपथ-पत्र भी लिया जाएगा। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री भी शनिवार को मेला पहुंचे। जिम्मेदारों का दावा- कल से होगा सर्वे, जिन्होंने शुरू नहीं की दुकान, उनके निरस्त होंगे आरक्षण मेले में जिन्हें दुकानें आवंटित कर दी गई हैं। उन्हें निर्धारित संपूर्ण राशि जमा करके 6 जनवरी तक अनिवार्य रूप से दुकान शुरू करनी होगी। ऐसा न करने वाले दुकानदारों की दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। दुकानों के लिए पेंडिंग पड़े आवेदनकर्ताओं को वरियता के आधार पर री-आवंटन होगा।
मेले की दुकानें दलालों से मुक्त कराने प्राधिकरण को बताएं ‘ब्लैक’ में ली; आपके नाम होगा आवंटन…
इसके साथ ही मेले में लग चुकी दुकानों को भी 6 जनवरी तक मेला कार्यालय में रुपए जमा करके विद्युत कनेक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। 6 जनवरी तक जिन दुकानदारों द्वारा विद्युत कनेक्शन नहीं लिया जाएगा, उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मेला सचिव ने बताया कि 6 जनवरी के बाद वरीयता के आधार पर आवेदक को उसके पसंद की दुकान को चिन्हित कर आवंटित किया जाएगा।
किराया महंगा होने से नहीं लग पा रहा मेला
दुकानों पर कब्जा करने वाले दलाल अपनी दुकानों का महंगा किराया वसूलने के चक्कर में व्यापारियों का इंतजार करते रहते हैं। इस दौरान वे खुद भी दुकानें नहीं लगाते। इस कारण हर साल मेला लगने में देर होती है। मेले की निर्धारित तिथि 25 दिसंबर है, लेकिन पिछले एक दशक से मेला पूरी तरह से जनवरी के दूसरे सप्ताह तक शुरू हो पाता है। उसके बाद देरी से दुकानें लगाने वाले व्यपारी फरवरी में मेला अवधि बढ़ाने की मांग करते हैं।
ठेलेवाले हॉकर्स जोन में ही करेंगे व्यापार: संभागायुक्त
संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने शनिवार को मेला पहुंचकर हाथ ठेला एवं फड़ संचालकों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस दौरान उन्हें प्राधिकरण द्वारा बनाए गए हॉकर्स जोन में ही व्यवसाय करने की समझाइश दी गई। दुकानें ब्लैक करने वाले व्यापारी होंगे ब्लैक लिस्टेड
मेले में दुकानों का सर्वे प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। दुकानदारों को खुलकर बताना पड़ेगा कि उन्होंने दुकान को ब्लैक में लिया है। इसके साथ ही शपथ-पत्र भी देना होगा। कब्जेधारी व्यापारी के नाम पर ही दुकान आवंटित कर दी जाएगी, हालांकि उससे भी कुछ पेनाल्टी प्राधिकरण वसूलेगा। वहीं दुकान को ब्लैक करने वाले व्यापारी को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। संबंधित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
– टीआर रावत, सचिव, ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण


