ग्वालियर व्यापार मेले 2026 में वाहनों पर लगने वाले टैक्ट में 50 प्रतिशत की छूट का मामला कैबिनेट बैठक में उठा। चर्चा हुई तो वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने कहा कि जीएसटी पहले ही घट चुका है। इसी से 10 लाख रुपए तक के वाहन पर एक लाख रुपए तक का लाभ हो गया है, फिर छूट क्यों देनी चाहिए। इस पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे से जुड़े जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर छूट के लिए अड़ गए। तोमर ने कहा कि ऐसे तो गाड़ी ही नहीं बिकेगी। फिर नुकसान कैसा। तुलसी और गोविंद ने कहा, काफी समय से यह परंपरा रही है। इसे रोकना नहीं चाहिए। इस बार भी टैक्स छूट दी जाती है तो लोगों को फायदा होगा। बहस बढ़ी तो रस्तोगी ने कहा, जब जीएसटी ही केंद्र सरकार ने कम कर दिया तो अलग से राज्य कर में छूट देना सही नहीं होगा। इससे राजस्व कलेक्शन में कमी होती है। इस पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी मंत्रियों के सामने हिसाब-किताब रख दिया। उन्होंने कहा, ग्वालियर व्यापार मेले और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में इतनी गाड़ियां बिक जाती है कि सरकार को 250 से 300 करोड़ का नुकसान होगा। टैक्स छूट लेने के लिए दिखावा…. कैबिनेट में यह भी कहा गया कि ग्वालियर और उज्जैन में तो टैक्स छूट लेने के लिए कार विक्रेता एजेंसियां सिर्फ दिखावा करती हैं। गाड़ियां भोपाल, जबलपुर या इंदौर में ही खरीदी-बेची जाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेले से ही गाडि़यां खरीदी-बेची जाएं, इसका ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने लंबी चर्चा के बाद उज्जैन और ग्वालियर मेले में वाहन टैक्स पर छूट देने की मंजूरी दे दी।


