विपिन कुमार सिंह | चतरा नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 का लगभग डेढ़ माह बीतने को है। अब स्कूलों में गर्मी की छुट्टी की तैयारी भी चल रही है। संभवत 22 मई से स्कूलों में गर्मी की छुट्टी भी हो जाएगी। लेकिन अब तक सरकारी स्कूलों के अधिकांश बच्चों को किताब नहीं मिल पाई है। बच्चे बगैर किताब के ही पढ़ाई कर रहे हैं। यहां बताते चले कि जिले के सभी सरकारी, गैर सरकारी व मान्यता प्राप्त स्कूलों में एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्रों की शुरुआत हो जाती है। सरकारी स्कूलों में वर्ग एक से बारहवीं तक के बच्चों को सरकार की ओर से किताबें उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन इस वर्ष अब तक मात तीन कक्षाओं के लिए ही बच्चों को किताब उपलब्ध हो पाया है। स्कूलों में वर्ग एक, छह और दसवीं के बच्चों के बीच ही पुस्तकों का वितरण हो पाया है। बाकी वर्ग के बच्चों को पुस्तक नहीं मिल पाया है। बच्चों को पुस्तक नहीं मिलने के कारण उन्हें पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है। बच्चे बगैर किताब के ही स्कूल पहुंच रहे हैं। बगैर किताब के स्कूल पहुंचने वाले बच्चों को तो पढ़ाई करने में परेशानी तो हो ही रही है, शिक्षकों को भी बच्चों को पढ़ाने में परेशानी हो रही है। चतरा जिले में वर्ग एक से 12 तक के एक लाख 99 हजार 907 बच्चों के बीच पुस्तक का वितरण किया जाना है। इसमें अब तक मात्र वर्ग एक, छह और दसवीं के 45 हजार 527 बच्चों के बीच ही पुस्तक का वितरण हो पाया है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ग एक के 15 हजार 893, वर्ग दो के 24 हजार 2, वर्ग तीन के 22 हजार 165, वर्ग चार के 23 हजार 404, वर्ग पांच के 22 हजार 567, वर्ग छह के 18 हजार 404, वर्ग सात के 18 हजार 855, वर्ग आठ के 21 हजार 515, वर्ग नौ के 9 हजार 916, वर्ग दस के 12 हजार 8, वर्ग ग्यारह के 5 हजार 303 तथा वर्ग 12 के 5 हजार 875 बच्चों के बीच पुस्तक का वितरण किया जाना है।


